हैदराबाद एनकाउंटर: क्राइम सीन रिक्रिएशन के लिए रात 3 बजे चारों आरोपियों को क्यों ले गई पुलिस?
हैदराबाद एनकाउंटर: रात 3 बजे रेप आरोपियों को क्यों ले गई पुलिस?
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नई दिल्ली। हैदराबाद डॉक्टर रेप और मर्डर केस के चारों आरोपियों का एनकाउंटर कर मार गिराया गया है। घटना के 10 दिनों के भीतर हैदराबाद की डॉक्टर के साथ गैंगरेप और हत्या के आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। शुक्रवार को पुलिस ने इस बहुचर्चित गैंगरेप मामले के चारों आरोपियों को क्राइम सीन रिक्रिएशन के लिए उसी जगह पर लेकर गई, जहां उन्होंने डॉक्टर के साथ गैंगरेप तक उसे जला दिया था।

एनकाउंटर में चारों ढेर
तेलंगाना पुलिस के मुताबिक क्राइम सीन रिक्रीएट के दौरान चारों आरोपियों ने भागने की कोशिश की।पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन जब वो नहीं माने तो उनका एनकाउंटर करना पड़ा। इस एनकाउंटर से देशभर के लोगों में उत्साह है तो वहीं तेलंगाना पुलिस की इस कार्रवाई पर कई सवाल भी उठ रहे हैं। इन सबके बीच आपको बताते हैं कि आखिर पुलिस हिरासत से रेप आरोपियों को क्राइम प्लेस पर हैदराबाद पुलिस रात के अंधेरे में क्यों ले गई?

रात 3 बजे क्राइम प्लेस पर क्यों ले गई पुलिस
हैदराबाद की 26 साल की वेटनरी डॉक्टर के साथ जो हैवानित की गई उससे देखभर के लोगों में आक्रोश था। मामले की जांच कर रही हैदराबाद पुलिस ने इस मामले के चारों आरोपियों को शादनगर के पास क्राइम सीन रिक्रिएट करने के लिए सुबह 3 से 3.30 बजे के बीच वहां लेकर गई। वहीं से इन आरोपियों ने भागने की कोशिश की, जिसके बाद उनका एनकाउंटर किया गया। आपराधिक मामलों की जांच के दौरान क्राइम सीन को रिक्रिएट करना एक प्रक्रिया है, जिसके तहत पुलिस उन सभी पहलुओं की बारीकी से जांच करती है, जो अपराधी अपने बयान में कहता है। मामले के आरोपियों को क्राइम सीन पर लेकर उनसे उसी तरह का सीन दोबारा क्रिएट कराया जाता है, जिस तरह से उन्होंने अपराध को अंजामा दिया होता है। हैदराबाद मामले में जो दरिंदगी अपराधियों ने दिखाई थी उसे लेकर लोगों के मन में गुस्सा था। क्राइम सीन रिक्रिशन के लिए पुलिस ने इसलिए रात का वक्त चुना ताकि उन अपराधियों की सुरक्षा में कोई चूक न हो। चारों अपराधी लोगों के गुस्से के शिकार न बन गए।

क्राइम सीन रिक्रिएशन के दौरान हुआ एनकाउंटर
जिस जगह पर एनकाउंटर हुआ, वहां पर सिर्फ एक घर था। घर में रहने वाले शख्स ने एक निजी चैनल से बात करते हुए बताया कि उसने सुबह 4 बजे के आस-पास 4-5 गोलियों के चलने की आवाज सुनी थी। क्राइम सीन रिक्रिएसन के समय को लेकर लोगों ने हैदराबाद पुलिस पर सवाल उठाए तो पूर्व आईपीएस वेदभूषण ने कहा कि यह रिक्रिएशन का हिस्सा था और रिक्रिएशन में जिस वक्त घटना होती है, ठीक उसी वक्त और उसी जगह पर पुलिस आरोपी को ले जाती है और फिर उसी तरह से सीन क्रिएट करवाती है, जिस तरह से उन्होंने घटना को अंजाम दिया होता है। इस मामले में भी वहीं फॉलो किया गया। उस वक्त उस एरिया में लोगों की आवाजाही कैसी होती है, रोशनी कैसी होती है, गाड़ियों के आने-जाने की रफ्तार क्या होती है इन सब बातों पर गौर किया जाता है और ये सब बातें जांच का हिस्सा होता है।

क्यों होता है क्राइम सीन रिक्रिएशन
पूर्व आईपीएस के मुताबिक क्राइम सीन रिक्रिएशन पुलिस की जांच प्रक्रिया का हिस्सा है। पर्याप्त सबूत और गवाह ना होने की स्थिति में परिस्थितिजन्य सबूतों को इकठ्ठा करने के लिए पुलिस क्राइम सीन रिक्रिएट करवाती है। ये पुलिस जांच प्रक्रिया के अलावा पुलिस के अधिकार में आता है कि वो आरोपियों को सीन रिक्रिएट करने के लिए ले जा सकती है।












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