Humayun Kabir ने पार्टी बनाते ही ममता बनर्जी को दी चुनौती, बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाने का कर चुके हैं दावा
Humayun Kabir News: पश्चिम बंगाल की सियासत में चुनाव से पहले बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने अपनी नई पार्टी 'जनता उदयन पार्टी' का ऐलान कर दिया है। बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाने का ऐलान करने वाले हुमायूं ने अपनी पार्टी बनाते ही ममता बनर्जी को सीधी चुनौती दी है। उन्होंने कहा है कि टीएमसी इस चुनाव में 100 से ज्यादा सीटें नहीं जीत पाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी को जनता से भरपूर समर्थन मिल रहा है।
सोमवार को बेलडांगा में आयोजित एक जनसभा के दौरान उन्होंने औपचारिक रूप से पार्टी गठन की घोषणा की। मंच से उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी नेतृत्व को चुनौती दे डाली। हुमायूं कबीर ने दावा किया कि 2026 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी 100 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी।

Humayun Kabir News: ममता बनर्जी को मंच से दी चुनौती
निलंबित टीएमसी विधायक ने कहा कि जनता मौजूदा सरकार से नाराज है और बदलाव चाहती है। कबीर ने यह भी दावा किया कि इस बार वे पूरी गारंटी के साथ कह रहे हैं कि ममता बनर्जी दोबारा सत्ता में नहीं लौटेंगी। नई पार्टी के ऐलान के साथ ही हुमायूं कबीर ने चुनावी रणनीति भी साफ कर दी है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वे मुर्शिदाबाद की दो सीटों बेलडांगा और रेजीनगर से चुनाव लड़ेंगे।
जनसभा में भारी संख्या में उनके समर्थक जुटे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, 'ममता बनर्जी अब आम लोगों से दूर हो चुकी हैं और जमीनी हकीकत से उनका संपर्क टूट गया है। उनकी पार्टी और सोच को स्वार्थी लोगों ने हाईजैक कर लिया है। टीएमसी को अब आम जनता के दुख-दर्द से मतलब नहीं है।'
Bengal Election 2026 में दिख सकता है हुमायूं कबीर का असर
- हुमायूं कबीर का मुर्शिदाबाद और आसपास के मुस्लिम बहुल इलाकों में प्रभाव रहा है। मुसलमानों का वोट एकमुश्त टीएमसी को पड़ता रहा है। ऐसे में वह ममता बनर्जी को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
- मुस्लिम वोटों के बंटने का सीधा फायदा बीजेपी को हो सकता है। जहां भी मुस्लिम वोट बंटते हैं उसका फायदा एनडीए को होता है। सीमांचल (बिहार) में मुस्लिम वोटों के बंटने से सीधे तौर पर महागठबंधन को नुकसान हुआ और बीजेपी फायदे में रही।
- बंगाल चुनाव में ओवैसी ने भी उतरने का ऐलान कर दिया है और इस वजह से खास तौर पर मुस्लिम बाहुल्य आबादी में चुनावी समीकरण रोचक बन सकते हैं।
Mamata Banerjee ने की थी हुमायूं कबीर पर कार्रवाई
हुमायूं कबीर को 4 दिसंबर को टीएमसी से निलंबित किया गया था। यह कार्रवाई तब हुई जब उन्होंने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद जैसी मस्जिद के निर्माण की घोषणा की थी। इसके बाद 6 दिसंबर को रेजीनगर में मस्जिद की आधारशिला रखने से विवाद और गहरा गया। पार्टी से निकाले जाने के बाद उन्होंने अपनी पार्टी बना ली है और अब सीधे तौर पर टीएमसी को चुनौती दे रहे हैं।
हुमायूं कबीर ने अपनी पार्टी को धर्मनिरपेक्ष छवि देने की कोशिश करते हुए दो हिंदू उम्मीदवारों के नाम भी घोषित किए। उन्होंने बताया कि मुर्शिदाबाद सीट से मनीषा पांडेय और कोलकाता की बोलिंग सीट से निशा चटर्जी चुनाव लड़ेंगी। कबीर का कहना है कि उनकी पार्टी सभी वर्गों को साथ लेकर चलेगी।












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