होटल में चल रहा था सेक्स रैकेट, ग्राहकों के लिए कमरे में बंद थीं पांच लड़कियां
आरोप है कि पिंटू ने लड़कियों को होटल इंडस्ट्री में नौकरी का लालच देकर अपने चंगुल में फंसाया था। वह होटल ले जाकर पहले उनका ब्रेनवॉश करता था और फिर उन्हें देह व्यापार में धकेल देता था।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले में पुलिस ने छापेमारी करके मानव तस्करी और सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। होटल में की गई छापेमारी के दौरान पांच महिलाओं को मुक्त कराया गया जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है।

सीआईडी के सूत्रों ने बताया कि इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें रैकेट का मास्टरमाइंड पिंटू मैटी भी शामिल है। पिंटू करीब 20 दिन से फरार चल रहा था।
कई राज्यों में था इस रैकेट का नेटवर्क
एक अधिकारी ने कहा, 'हमें जानकारी मिली थी कि पिंटू तस्करी का रैकेट चलाता है, जिसके मुंबई, तमिलनाडु और केरल तक लिंक हैं। सीनियर अधिकारियों के नेतृत्व में एक होटल में छापा मारा गया और पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें दो मैनेजर भी शामिल हैं।'
नौकरी का लालच देकर फंसाता था
आरोप है कि पिंटू ने लड़कियों को होटल इंडस्ट्री में नौकरी का लालच देकर अपने चंगुल में फंसाया था। वह होटल ले जाकर पहले उनका ब्रेनवॉश करता था और फिर उन्हें देह व्यापार में धकेल देता था। ये लड़कियां ज्यादातर आर्थिक रूप से पिछड़े घरों से होती थीं।
होटल में चलाता था देह व्यापार का धंधा
वह लड़कियों को पहले ग्राहकों से मिलवाता था और फिर उन्हें अलग-अलग शहरों में बेच देता था। वह होटल में देह व्यापार का धंधा भी चलाता था। मैटी होटल में लड़कियां लाता था और बाहर के काम देखता था, जबकि एक अन्य मैनेजर होटल के दूसरे काम देखता था। पिंटू बीते तीन साल से सेक्स रैकेट चला रहा था। उसने भारत के दक्षिण और पश्चिमी राज्यों में अपना नेटवर्क फैलाया था।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 366 (किडनैप, जबरन शादी के लिए अगवा करना), 370 (किसी इंसान को बेचना), 370ए (खरीदे या बेचे गए इंसान का उत्पीड़न), 120बी (आपराधिक साजिश) के अलावा इमॉरल ट्रैफिक (प्रिवेंशन) एक्ट 1956 की धारा 3/4/5/6/7/9 के तहत केस दर्ज किया गया है। पीड़ित लड़कियों को बिहार के आरा जिले से लाया गया था और होटल के एक कमरे में बंद रखा गया था।












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