कश्मीर पर पाकिस्तान का समर्थन करके मलेशिया और टर्की को अब झेलनी पड़ रही भारत की नाराजगी
नई दिल्ली। ऐसा लगता है कि टर्की और मलेशिया ने कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का समर्थन करके अपने लिए मुसीबत मोल ले ली है। अब नाराज भारत ने इन दोनों ही देशों के खिलाफ कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। भारत ने दोनों ही देशों के बाजारों के खिलाफ फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। टर्की और मलेशिया दोनों ही देशों ने पाकिस्तान का न सिर्फ कश्मीर मुद्दे पर समर्थन किया है बल्कि फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) में भी पाक की मदद की है। भारत सरकार इन दोनों ही देशों रुख से असहज महसूस कर रही है।

मलेशिया से नहीं आएगा पाम ऑयल
सोशल मीडिया पर इस समय #boycottmalaysia ट्रेंड कर रहा है और भारत सरकार को इससे जरा भी आपत्ति नहीं है। भारतीय व्यापारी अब मलेशिया से पाम ऑयल न खरीदने की तैयारी कर रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स की मानें तो भारतीय व्यापारियों ने अब मलेशिया की जगह इंडोनेशिया से पाम ऑयल खरीदने की तैयारी कर ली है। आपको बता दें कि भारत सबसे पाम ऑयल खरीदने वाला सबसे बड़ा देश है। सरकार अब अगले कदम से पहले मलेशिया की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया का इंतजार कर रही है। मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने पिछले दिनों कहा था कि उनकी सरकार, भारत के साथ व्यापारिक समस्याओं का समाधान करने के लिए कूटनीतिक स्तर पर काम करेगी। अभी तक भारत की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है और सूत्रों की मानें तो मोदी सरकार इसी प्लान के तहत आगे बढ़ाना चाहती है।

टर्की की कंपनी की नो एंट्री
भारत ने टर्की के खिलाफ पहले ही एक्शन लेना शुरू कर दिया है। भारत की तरफ से टर्किश डिफेंस कंपनी अनाडोलू शिपयार्ड के खिलाफ कार्रवाई की गई है। यह शिप इंडियन नेवी के लिए सपोर्ट शिप्स तैयार करती है और अब इस कंपनी को भारत के बड़े रक्षा बाजार में आने की इजाजत नहीं है। टर्की, पाकिस्तान की नेवी के लिए भी जहाज बना रहा है। रक्षा मंत्रालय के हवाले से कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि टर्की की कंपनी सुरक्षा के लिए खतरा बन गई ळै। हाल ही में भारत की तरफ से सीरिया में दाखिल होने के टर्की के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी गई थी।

टर्की का दौरा पीएम मोदी किया कैंसिल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी टर्की का अपना पहला आधिकारिक दौरा रद्द कर दिया है। टर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्डोगान ने उंगा में दिए अपने भाषण में जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के भारत के फैसले का विरोध किया था। बताया जा रहा है कि पीएम मोदी इस बात से लेकर खासे नाराज हैं और इसके चलते ही उन्होंने अंकारा न जाने का फैसला किया है। मलेशिया की अगर बात करें तो पीएम मोदी न सिर्फ पहले विदेशी नेता थे जिन्होंने महातिर मोहम्मद को दोबारा जीतने पर बधाई दी थी बल्कि वह इस देश का दौरा करने वाले पहले विदेशी नेता भी बने थे। सूत्रों की मानें तो अब मलेशिया, भारत से रिश्ते बेहतर करने की दिशा में काम कर रहा है।












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