Manipur Violence: मणिपुर हिंसा प्रभावित इलाके में स्कूल खुलने के बाद कैसे हैं हालात?
Manipur Violence: मणिपुर में मई से जारी जातिय हिंसा के बीच स्कूलों को फिर से कुछ दिन पहले खोला गया है। स्कूलों को फिर से खोलने के मणिपुर सरकार के आदेश को हिंसा प्रभावित जिलों में चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।
ताजा अपडेट के मुताबिक हिंसा प्रभावित क्षेत्र में दो समूहों के बीच गोलीबारी की खबरों के बीच शनिवार शाम को शरारती तत्वों ने चुराचांदपुर और बिष्णुपुर की सीमा के पास एक स्कूल भवन में आग लगा दी।

वहीं दूसरी ओर बिष्णुपुर जिले के क्वाक्टा में हिंसा के दौरान एक महिला को गोली लग गई। उसे इलाज के लिए इंफाल के एक अस्पताल ले जाया गया है।
राज्य में फिर से स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि शनिवार की रात हुई गोलीबारी रविवार सुबह तक चली। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि रविवार दिन शुरू होने के बाद स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए इलाके में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।
आवासीय विद्यालय के प्रबंधन ने किताबों, फर्नीचर और बर्तनों सहित 1.5 करोड़ रुपये की संपत्ति के नुकसान की सूचना दी। हिंसा भड़कने के बाद से परिसर खाली था। करीब दो हफ्ते पहले हमले के डर से चौकीदार और उसके परिवार के सदस्य वहां से भाग गए थे।
चिल्ड्रन ट्रेजर हाई स्कूल के संस्थापक और मालिक लियान खो थामग वैफेई ने कहा कि अच्छी बात ये थी कि इमारत की पहली मंजिल पर छात्रावास में कोई नहीं था। हम हमले की आशंका लग रही थी क्योंकि हमारे स्कूल के परिसर के पास कई घरों में आग लगा दी गई थी।
बता दें कि हिंसा की वजह से चुराचांदपुर में शिक्षा गंभीर रूप से बाधित हो गई है। हाल की आगजनी ने संवेदनशील क्षेत्रों में स्कूलों को फिर से खोलने के फैसले पर सोचने पर मजबूर कर दिया है। कक्षा 7 के एक छात्र ने कहा, "हम हर दिन अपने शिक्षकों, दोस्तों और कक्षाओं को याद करते हैं।"












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