भारत में महिलाओं में बढ़ रहा है आईएसआईएस के लिए झुकाव!
नई दिल्ली। गृह मंत्रालय की ओर से दी गई ताजा जानकारी के मुताबिक करीब 150 भारतीय युवा आईएसआईएस के संपर्क में हैं। साफ है कि ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोप की ही तरह भारत भी आईएसआईएस के खतरे से अछूता नहीं रहा है। वहीं इस खतरनाक आतंकी संगठन ने भारत में महिलाओं को भी अपनी विचारधारा के लिए आकर्षित कर लिया है।

आईएसआईएस के लिए भारत में अब महिलाओं का भी भावनात्मक लगाव बढ़ रहा है। कुछ महिलाओं ने तो देश छोड़कर कई बार सीरिया और इराक जाने तक की कोशिश की है। जबकि वहीं कुछ विदेशों में बेठ कर संगठन के लिए भर्ती करने की प्रक्रिया से जुड़ चुकी हैं।
हैदराबाद बना पहला निशाना
पिछले कुछ दिनों में एक दो नहीं बल्कि नौ ऐसे वाकये पेश आए हैं जिनमें महिलाएं या तो संगठन के साथ जुड़ गई हैं या फिर उन्होंने इसमें शामिल होने की कोशिशें की हैं। भारत में आईएसआईएस के लिए महिलाओं के झुकाव की शुरुआत हैदराबाद से हुई थी जहां पर कुछ लड़कियों ने अपने भाईयों और दोस्तों के साथ आईएसआईएस में शामिल होने की कोशिश की थी।
ये सभी लोग देश छोड़कर जाने की फिराक में भी थे लेकिन एजेंसियों की सतर्कता के चलते उनकी कोशिशें सफल नहीं हो सकीं।
दो माह बिताकर देश लौटी एक महिला
दिसंबर 2014 में एक युवा लड़की को इंटेलीजेंस ब्यूरो ने पकड़ा था और फिर उससे पूछताछ की गई। पूछताछ में एजेंसियों को इस बात की ओर संकेत मिले थे कि इस लड़की ने इराक और सीरिया में आईएसआईएस के साथ काफी समय
बिताया है।
केरल के एक दोस्त के जरिए इसको आईएसआईएस में शामिल होने के लिए आकर्षित किया गया था। इस लड़की ने सीरिया में दो माह बिताए थे।
भारत में अफशां जबीं तो लंदन में आयशा
एक और केस लंदन की रहने वाली भारतीय महिला का है जिसका नाम आयशा बेगम बताया जाता है। आयशा का काम हैदराबाद की अफशां जबीं उर्फ निकी जोसेफ की ही तरह संगठन के लिए युवाओं की भर्ती करना है।
अफशां सोशल मीडिया की मदद से संगठन के लिए युवाओं की भर्ती करती थी। अफशां ने भारत और बांग्लादेश के युवाओं के लिए एक दो नहीं बल्कि कई मैसेज पोस्ट किए थे।
अफशां का अकाउंट उन 5,000 सोशल मीडिया अकाउंट्स में शामिल है जिन्हें हैकिंग ग्रुप एनॉनेमस ने हैक कर लिया है।
कभी जासूस तो कभी सेक्स स्लेव्स
भारत ने संगठन में शामिल होने की कोशिशों में लगीं नौ महिलाओं से पूछताछ की है। अफशां जबीं के केस में एजेंसियों को इस बात का पता चला कि वह भारत से ज्यादा से ज्यादा संख्या में युवाओं की भर्ती कर रही थी।
आईएसआईएस महिलाओं को कभी जासूस, कभी सेक्स स्लेव्स तो कभी सीरिया या इराक में अपने लड़ाकों के लिए कई तरह के अभियान चलाने के लिए प्रयोग करता है।
हैदराबाद की चार लड़कियां जो देश छोड़ने की फिराक में थीं, उनकी मानें तो वे सभी संगठन की विचारधारा के लिए आकर्षित थीं। वहीं वे अपने भाईयों और दोस्तों को विदेश में अकेला नहीं छोड़ना चाहती थी।
क्या करती थी अफशां
निकी जोसेफ यानी अफशां पर पहले से ही एजेंसियों की नजर थी। उसने इस बात को साफ कर दिया था कि वह पहले युवाओं को शादी का झांसा देगी फिर उन्हें इराक या सीरिया भेज देगी। वह कई सारे युवाओं के संपर्क में थी।
रिकॉर्ड में इस तरह की कोई भी घटना दर्ज नहीं थी जिससे पता लगे कि वह युवाओं को संगठन में शामिल करना चाहती थी। लेकिन हैदराबाद के सलमान मोहिनद्दीन की घटना ने उसका सच सामने लाकर रख दिया था।












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