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Ravan: कैसे हुआ था रामायण के रावण 'अरविंद त्रिवेदी' का निधन, अंतिम दिनों में हो गए थे बहुत कमजोर

Vijayadashami: देशभर में आज बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक विजयदशमी का त्योहार मनाया जा रहा है और अलग-अलग शहरों में चल रहीं रामलीलाओं में शाम को रावण के पुतले का दहन किया जाएगा।

रामलीला का जब-जब जिक्र होता है, तब-तब 80 के दशक में टेलीविजन पर आए रामानंद सागर के मशहूर सीरियल 'रामायण' की यादें ताजा हो जाती हैं। रामायण को लेकर दर्शकों में इस हद तक दीवानगी थी कि सीरियल शुरू होने से पहले ही घरों में पूरा परिवार टीवी के सामने बैठ जाता था।

arvind trivedi

रामायण सीरियल में राम के किरदार में अरुण गोविल और सीता की भूमिका में दीपिका चिखलिया ने तो सुर्खियां बटोरीं ही, रावण का रोल करने वाले अरविंद त्रिवेदी को भी खूब पसंद किया गया। मध्य प्रदेश के इंदौर में रहने वाले अरविंद त्रिवेदी रामायण में केवट के रोल के लिए ऑडिशन देने पहुंचे थे, लेकिन उनकी रौबदार आवाज और कद-काठी से रामानंद सागर इतने प्रभावित हुए कि उन्हें रावण का रोल दे दिया। और, इसके बाद जब दर्शकों ने बड़ी-बड़ी मूंछों वाले रावण के किरदार में अरविंद त्रिवेदी को देखा, तो रामानंद सागर की पंसद का सभी ने लोहा मान लिया।

रामनाम जपते हुए बीते अरविंद त्रिवेदी के अंतिम दिन
अरविंद त्रिवेदी ने टीवी पर भले ही भगवान राम के सबसे बड़े शत्रु का किरदार निभाया, लेकिन असल जीवन में वो राम के बहुत बड़े भक्त थे। अभिनय और राजनीति से अलग हटने के बाद अरविंद त्रिवेदी का ज्यादातर समय रामनाम के जप में ही बीतता था। वो पूरी तरह से तीर्थयात्रियों की सेवा में जुट गए थे। 6 अक्टूबर 2021 को खबर आई कि दिल का दौरा पड़ने से अरविंद त्रिवेदी का निधन हो गया है। अपने अंतिम दिनों में अरविंद त्रिवेदी काफी कमजोर भी हो गए थे।

राजनीति में भी गए अरविंद त्रिवेदी
रामायण में काम करने के बाद अरविंद त्रिवेदी को अलग-अलग सीरियल और फिल्मों से ऑफर आने लगे थे। उन्होंने हिंदी और गुजराती भाषा की करीब 250 फिल्में की। अरविंद के बड़े भाई उपेंद्र त्रिवेदी गुजराती थियेटर से जुड़े थे, इसलिए गुजराती फिल्मों में भी उन्हें जमकर काम मिला। उनकी यादगार फिल्मों में त्रिमूर्ति, पराया धन और जंगल में मंगल का नाम शामिल है। इसके बाद अरविंद त्रिवेदी राजनीति में गए और 1991 में गुजरात की साबरकांठा लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर सांसद बने। 2002 में उन्हें भारतीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) का अध्यक्ष बनाया गया।

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