पासवान के घर होली का धमाल, शांत होली सोनिया की
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) कल केन्द्रीय मंत्री रामविलवास पासवान के जनपथ स्थित सरकारी आवास पर होली का खूब धमाल हुआ। सैकड़ों लोगों ने पासवान और उनके पुत्र चिराग के साथ होली खेली। होली के बाद सबके लिए भोजन की भी व्यवस्था थी। पासवान के पड़ोसी सोनिया गांधी के घर में होली पर शांति ही रही। कुछ लोग जरूर पहंचे सोनिया गांधी को बधाई देने के लिए।

कुछ कनपुरिया भी
होली का त्यौहार कांग्रेसी सांसद राजीव शुक्ला के घर भी मना। उनके तमाम दोस्त और सहयोगी इस अवसर पर मौजूद थे। कुछ कनपुरिया भी थे। आखिर राजीव शुक्ला का संबंध कानपुर से ही है।
टूटी रिवायत
हकीम अब्दुल हमीद साहिब का होली मिलन का दिल्ली वाले साल भर इंतजार करते थे। इस अवसर पर पुराने दिल्ली वाले उनके कौटिल्य मार्ग वाले बंगले में पहुंचते थे गुझिया खाने।
गंगा-जमुनी संस्कृति का बेजोड़ उदाहरण होता था होली मिलन हकीम साहब का। लंबे समय से चल रही वह रिवायत इस बार टूट गई। कारण जानना चाहेंगे। स्वाइन प्लू के भय के कारण इस रिवायत को इस बार रोकना पड़ा।
हमदर्द समूह के प्रमुख
हकीम साहब के बारे में बता दें कि वे हमदर्द समूह के संस्थापक थे। हमदर्द समूह ही रूहफजा शर्बत बनाता है। ये समूह यूनानी दवाओं का बेहद खास नाम है। हकीम साहब ने अपने जीवन काल में ही दिल्ली में जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी बना दी थी। इसमें हजारों बच्चे तालीम लेते हैं। कुछ लोग तो हकीम साहब को इस दौर का सर सैयद अहमद भी कहते हैं,जिन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटीबनाई थी।
होली मिलन और ईद मिलन
हकीम साहब के घर में ईद मिलन और होली मिलन बीते 60-65 सालों से हो रहा था। इसमें इंदिरा गांधी से लेकर शरद पवार और देश के दूसरे आम-खास लोग पहुंचते रहे थे। इस बार स्वाइन फ्लू के चलते इस परम्परा को रोका गया।
हकीम साहब तो अब रहे नहीं। 2001 में चल बसे थे। पर उनके परिवार वाले उस परम्परा को आगे बढ़ा रहे थे। इस परम्परा से जुड़े रहे हकीम साहब के करीबी प्रोफेसर ओसाफ अहमद ने कहा कि हकीम साहब ने इस परम्परा को इसलिए शुरू किया था ताकि दिल्ली में हिन्दू-मुसलमान अमन और प्रेम के साथ रहे। उन्होंने ही गालिब की टूटी-फूटी मजार को भी बनवाया था। बहरहाल, कल बहुत से लोग हकीम साहब के होली मिलन को मिस कर रहे थे।












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