हिंदू फ्रंट नेता हत्या मामला: NIA का बड़ा एक्शन, कोयंबटूर में PFI सदस्य की संपत्ति कुर्क
केंद्र गृह मंत्रालय के पीएफआई पर बैन के निर्णय के बाद लगातार इस संगठन के सदस्य जांच एजेंसियों के निशाने पर है। एनआईए ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के सदस्य की संपत्ति कुर्क की है। ये एक्शन एनआईए स्पेशल कोर्ट, पूनामल्ली, चेन्नई के आदेश पर लिया गया है। जिसके तहत लाखों की संपत्ति एनआईए ने अटैच की है।
एनआई ने कोयंबटूर में वर्ष 2016 में एक हिंदूवादी नेता की हत्या में शामिल पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के एक सदस्य सुबैर की संपत्ति कुर्क की. शुक्रवार (07 जून) को एनआईए की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। एनआईए के बयान के मुताबिक, सुबैर ने अपने सह-आरोपियों के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया था और ये सभी आरोपी प्रतिबंधित पीएफआई के सदस्य हैं।

दरअसल, शशिकुमार की 22 सितंबर, 2016 को उस समय बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हमला उस वक्त हुआ जब शशिकुमार अपने दोपहिया वाहन पर पार्टी कार्यालय से घर लौट रहे थे। आरोपी सद्दाम हुसैन, सुबैर, मुबारक और रफीकुल हसन ने कोयंबटूर के थुडियालुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत चक्र विनायक मंदिर के सामने शशिकुमार पर हमला किया था। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके चलते इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके चलते इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। मामले में एनआईए ने कोयंबटूर पुलिस से मामले की जांच अपने हाथ में ले ली थी। जांच के दौरान एजेंसी ने पाया कि आरोपी पीएफआई सदस्यों ने एक खास समुदाय में दहशत फैलाने के उद्देश्य से हत्या की साजिश रची थी।












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