Himanta Biswa Sarma: अब असम में सरकारी कामकाज सिर्फ असमिया में! नया भाषा नियम लागू, कहां चलेगी बंगाली- बोडो?
Himanta Biswa Sarma: असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य में स्थानीय भाषाओं के प्रयोग को बढ़ावा देने के को लेकर बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने आदेश दिया है कि, इस बोहाग( असमिया नव वर्ष) से असम में सभी सरकारी अधिसूचनाओं, आदेशों, अधिनियमों आदि के लिए असमिया भाषा अनिवार्य रूप से आधिकारिक भाषा होगी।
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए ये जानकारी दी। उन्होंने अपने पोस्ट में इसको लेकर जारी आदेश की कॉपी भी शेयर की।

क्षेत्रीय भाषाओं को सम्मान देने के लिए फैसला- हिमंता
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि, 'इस बोहाग( असमिया नव वर्ष) से असम में सभी सरकारी अधिसूचनाओं, आदेशों, अधिनियमों आदि के लिए असमिया भाषा का प्रयोग अनिवार्य रूप से होगी।'
इन क्षेत्रों में बंगाली और बोडो का प्रयोग
CM ने आगे लिखा कि, हालांकि, बराक घाटी के जिलों में बंगाली भाषा और बीटीआर (बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन) में बोडो भाषा का प्रयोग किया जाएगा। यह निर्णय क्षेत्रीय भाषाओं को सम्मान देने और प्रशासन को स्थानीय लोगों के लिए अधिक सुलभ बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
ये भी पढ़ें Asam MLA Viral Video: लाल की जगह गुलाबी रिबन देख भड़के विधायक, कर्मचारी को केले के तने से पीटा, देखें VIDEO
जानिए सरकार के इस फैसले की बड़ी बात
- राज्य भर में असमिया भाषा सभी आधिकारिक कार्यों में अनिवार्य रूप से उपयोग की जाएगी।
- सभी सरकारी अधिसूचनाएँ, कार्यालय ज्ञापन, अधिनियम, नियम, विनियम, योजनाओं के दिशा-निर्देश, स्थानांतरण/पदस्थापन आदेश असमिया और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में जारी किए जाएंगे।
- बराक घाटी जिलों में उपरोक्त कार्यों हेतु बंगाली भाषा अंग्रेज़ी के साथ प्रयोग की जाएगी।
- बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन (BTR) में उपरोक्त कार्यों हेतु बोडो भाषा अंग्रेज़ी के साथ प्रयोग की जाएगी।
- केंद्र सरकार द्वारा जारी सभी अधिसूचनाओं, आदेशों, अधिनियमों, नियमों, विनियमों और दिशानिर्देशों का अनुवाद संबंधित विभाग द्वारा 30 दिनों के भीतर असमिया (या आवश्यकतानुसार बोडो/बंगाली) भाषा में किया जाएगा।
- पुराने दस्तावेज जैसे अधिनियम, नियम, विनियम, अधिसूचनाएँ आदि का अनुवाद भी अगले दो वर्षों में चरणबद्ध रूप से किया जाएगा।
- यह कार्य विश्वविद्यालयों के भाषा विभागों की सहायता से किया जाएगा।
- यदि किसी अनुवाद में अस्पष्टता, विरोधाभास या कानूनी व्याख्या की आवश्यकता हो तो अंग्रेज़ी संस्करण ही मान्य होगा।
- भारत सरकार, केंद्र सरकार के कार्यालयों और अन्य राज्य सरकारों से संचार अंग्रेज़ी भाषा में ही किया जाएगा।
- अदालतों में प्रस्तुत की जाने वाली सभी जांच रिपोर्ट, टिप्पणी, निर्देश, हलफनामे और पत्राचार अंग्रेज़ी में होंगे।
- किसी भी नियम, अधिनियम, आदेश या न्यायालय के निर्णय की व्याख्या हेतु अंग्रेज़ी संस्करण को ही अंतिम माना जाएगा।
- अंग्रेज़ी से असमिया, बंगाली और बोडो में अनुवाद के लिए Anuvaad Bhashini App का प्रयोग किया जा सकता है।
- लेकिन अधिकारियों को अंतिम अनुवाद की समीक्षा और पुष्टि स्वयं करनी होगी।
- यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होता है।
ये भी पढ़ें कांग्रेस में कहा जाता था राहुल गांधी की जय बोलो, बीजेपी में सीखा भारत माता की जय: हेमंत बिस्व शर्मा












Click it and Unblock the Notifications