मेघायल के विश्वविद्यालय के गेट को सीएम सरमा ने बताया मक्का से मिलता-जुलता
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्वा सरमा ने मेघालय के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (USTM) की तीखी आलोचना की है। उन्होंने दावा किया कि विश्वविद्यालय की इमारत की वास्तुकला 'मक्का' से मिलती जुलती है। यही नहीं मुख्यमंत्री ने बाढ़ जिहाद का आरोप लगाते हुए कहा था कि विश्वविद्यालय शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर रहा है।
सीएम सरमा ने कहा कि वहां जाना शर्मनाक है, आपको मक्का के नीचे से होकर जाना होगा। यहां आप नामघर बनाइए, मक्का-मदीना और चर्च तीनों बनाओ। लेकिन इन लोगों ने वहां मक्का बनाया। यहां नामघर,चर्च,मक्का सभी बनाइए, हम सिर्फ एक के नीचे से ही होकर क्यों जाएं।

पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब मैंने विश्वविद्यालय के बारे में बात की तो मेरी काफी आलोचना की गई। जब तरुण गोगोई ने कहा था कि गुवाहाटी की बाढ़ की वजह जोराबाट ै।
सरमा ने कहा कि महबूबुल हक द्वारा स्थापित यूएसटीएम अपने परिसर में पहाड़ियों को काटकर मेडिकल कॉलेज सहित नई इमारतों का निर्माण करने के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी गतिविधि के कारण गुवाहाटी में भयंकर जलभराव हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे लगता है कि यूएसटीएम के मालिक ने 'बाढ़ जिहाद' शुरू कर दिया है। कोई भी प्रकृति-प्रेमी व्यक्ति इस तरह से जंगलों और पहाड़ियों को इतनी बेरहमी से नहीं काटेगा। आजकल बेहतर वास्तुशिल्प डिजाइन के साथ पहाड़ियों पर इमारतें बनाई जा सकती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि विश्वविद्यालय की हरकतें पर्यावरण के लिए हानिकारक हैं।
मेघालय के री-भोई जिले में गुवाहाटी के बाहरी इलाके में स्थित यूएसटीएम को अपने निर्माण कार्यों के लिए सरमा की आलोचना का सामना करना पड़ा है। सोमवार से हो रही भारी बारिश के कारण यूएसटीएम के पास काफी जलभराव हो गया है, जिससे सड़कें और आस-पास के इलाके प्रभावित हुए हैं।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मेघालय के एक निजी विश्वविद्यालय पर गुवाहाटी में बाढ़ का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेघालय (USTM) नए बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए पहाड़ियों को ध्वस्त कर रहा है, जिससे शहर में जलभराव हो रहा है।
सीएम ने कहा कि यूएसटीएम मेघालय में स्थित है, लेकिन इसके 90 प्रतिशत छात्र और शिक्षक असम से हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि ये लोग विश्वविद्यालय में जाना बंद कर दें, तो इससे पहाड़ियों का विनाश रुक सकता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मुद्दे पर मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा को पत्र भेजा गया है। दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच जल्द ही इस समस्या के संभावित समाधान पर चर्चा होने की उम्मीद है।












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