घर बनाने के लिए तीन महीने में भूमिहीनों को आवंटित की जाएगी जमीनें- वीरभद्र सिंह
हिमाचल प्रदेश के भूमिहीन लोगों को गृह निर्माण के लिए जमीन देने का मामला विधानसभा में गूंजा। कई विधायकों के इस प्रश्न पर सीएम वीरभद्र सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए ये ऐलान किया।
शिमला। प्रदेश में अपना आशियाना बनाने का सपना संजोए भूमिहीन जल्द ही अपना सपना पूरा कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें बस तीन महीने इंतजार करना होगा। तीन महीनों में सरकार उनके सपने पूरा करेगी, सरकार के एक फैसले के मुताबिक ऐसे भूमिहीन लोगों को सरकार तीन महीनों में जमीन आवंटित करेगी।

हिमाचल प्रदेश के भूमिहीन लोगों को गृह निर्माण के लिए जमीन देने का मामला विधानसभा में गूंजा। विधायक कुलदीप कुमार, महेश्वर सिंह और किशोरी लाल के इस प्रश्न पर सीएम वीरभद्र सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए ऐलान किया कि भूमिहीनों को गृह निर्माण के जितने मामलें लंबित हैं, उन्हें तीन माह के भीतर निपटा दिया जाएगा। इससे पहले राजस्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने सदन में इस प्रश्न का उत्तर दिया था।
उन्होंने कहा कि 4 साल में सरकार ने 191 भूमिहीनों को गृह निर्माण की जमीन दी है। इनमें से 95 अनुसूचित जाति, 33 अन्य पिछड़ा वर्ग, 5 अनुसूचित जनजाति और 55 सामान्य श्रेणी के लोगों को जमीनें दी गई हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में बनाई गई नीतियां ग्रामीण इलाकों को 3 बिस्वा और शहरी इलाकों में 2 बिस्वा जमीन गृह आवास को दी है। इसके साथ-साथ जहां शहरी इलाकों में टीसीपी एक्ट के तहत 3 बिस्वा की जरूरत है तो वहां उतनी जमीन दी जा रही है।

कांग्रेस सदस्य कुलदीप कुमार ने भी सवाल किया कि योजना का लाभ केवल तीन ही जिलों में ज्यादा मिला है और बाकी जिलों में नाममात्र लाभ मिला है। ऐसे क्यों? तो जवाब में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि कांगड़ा जिला के 91, सोलन के 42 और सिरमौर के 30 लोगों को इसका लाभ मिला है।
वहीं, महेश्वर सिंह की जगह सवाल पूछ रहे रविंद्र रवि ने इस संबंध में बनाई गई नीति को सदन में रखने की मांग की, जबकि किशोरी लाल ने कहा कि उनके हलके में केवल 3 लोगों को ही इसका लाभ मिला है और लोगों को पटवारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इन सवालों का जवाब देते हुए राजस्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने कहा कि कांगड़ा के डीसी ने 91 केस निपटाए हैं और उन्होंने अच्छा काम भी किया है। उन्होंने कहा कि भूमिहीनों को गृह निर्माण के लिए जमीन देने को सीएम वीरभद्र सिंह ने नीति बनाई है और इसे सदन में रखा है।
उन्होंने कहा कि डीसी से कहा जाएगा कि वे इस तरफ गंभीरता दिखाएं और मामलों को जल्द निपटाएं। उनका कहना था कि सरकार इस मामले में गंभीर है और जल्द ही मामले निपटाए जाएंगे। इस बीच, सीएम वीरभद्र सिंह ने हस्तक्षेप किया और कहा कि इस संबंध में सदस्यों की चिंता वाजिब है और कहा कि इन सभी मामलों को तीन महीने में निपटाया जाएगा।












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