Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

वेंकैया नायडू के महाभियोग प्रस्ताव खारिज करने के बाद कांग्रेस के पास क्या है रास्ता?

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग के प्रस्ताव को राज्यसभा के चेयरमैन वेंकैया नायडू ने खारिज कर दिया है। चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के खारिज हो जाने के बाद विपक्ष और कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। माना जा रहा है कि इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह है राज्यसभा की गाइडनाइन का पालन नहीं किया गया, जिसकी वजह से यह खारिज हो गई है। ऐसे में महाभियोग के प्रस्ताव के खारिज हो जाने के बाद कांग्रेस अन्य विकल्पों की तलाश में जुट गई है।

ये जज नहीं करेंगे सुनवाई

ये जज नहीं करेंगे सुनवाई

वेंकैया नायडू के प्रस्ताव खारिज करने के बाद कांग्रेस अब इस प्रस्ताव को सीधे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती है। इस बाबत कांग्रेस ने पहले ही संकेत दे दिया है। कांग्रेस पहले ही यह कह चुकी है कि अगर महाभियोग के प्रस्ताव को खारिज कर दिया जाता है तो वह इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। ऐसे में अगर कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देती है तो इसकी सुनवाई ना तो चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा करेंगे और ना ही सुप्रीम कोर्ट के चार सबसे शीर्ष जज करेंगे।

फुल बेंच कर सकती है सुनवाई

फुल बेंच कर सकती है सुनवाई

अगर ऐसे में कांग्रेस महाभियोग के प्रस्ताव को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देती है तो इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट की फुल बेंच सुनवाई कर सकती है। बहरहाल देखने वाली बात यह है कि क्या कांग्रेस चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग के प्रस्ताव को सुप्रीम कोर्ट लेकर जाएगा। हालांकि कांग्रेस ने अपने तमाम नेताओं को इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया है। कांग्रेस ने अपने तमाम नेताओं से कहा है कि जबतक इस मामले पर पार्टी सर्वसम्मति से फैसला नहीं ले लेती है वह कुछ भी इस मुद्दे पर ना बोलें।

क्या है महाभियोग

क्या है महाभियोग

आपको बता दें कि कांग्रेस के साथ एनसीपी, वाम दलों, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी ने चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव पेश किया था। भारतीय न्याय व्यवस्था के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ था कि सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग लाया गया हो। लोकसभा में महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए कम से कम 100 सदस्यों का प्रस्ताव के पक्ष में दस्तखत और राज्यसभा में इस प्रस्ताव के लिए सदन के 50 सदस्यों के समर्थन की जरूरत होती है।

इसे भी पढ़ें- 6 बड़ी वजहें: वेंकैया नायडू ने खारिज किया दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+