Modicare: मोदी सरकार पर आएगा 12000 करोड़ रुपए का बोझ, जानिए कैसे होगा लागू
नई दिल्ली। मोदी सरकार के आखिरी पूर्णकालिक बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने देश के 10 करोड़ लोगों को पांच लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा देने का ऐलान किया है। इस योजना के बाद खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार द्वारा दी जाने वाली यह दुनिया के किसी भी देश में सबसे बड़ा स्वास्थ्य बीमा है, जिसका लाभ 50 करोड़ देशवासियों को होगा। सरकार के इस ऐलान के बाद देश की 40 फीसदी आबादी को स्वास्थ्य बीमा की सुविधा हासिल होगी। सरकार इस योजना की शुरूआत 2 अक्टूबर यानि गांधी जयंती के मौके पर करेगी, इसके लिए केंद्र सरकार व राज्य सरकार मिलकर फंडिंग करेंगे। केंद्र व राज्य का इसमे 60 व 40 फीसदी का योगदान होगा।

15 अगस्त या 2 अक्टूबर को होगी शुरुआत
इस योजना के ऐलान के बाद मोदी सरकार पर 12000 करोड़ रुपए का राजस्व भार बढ़ेगा। नीति आयोग के अनुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा बीमा योजना की वजह से सरकार पर 12000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व भार आएगा, हर वर् सरकार को 10 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य बीमा देने के लिए 12000 करोड़ रुपए खर्च करने पड़ेंगे। इस योजना की शुरुआत या तो स्वतंत्रता दिवस यानि 15 अगस्त या फिर 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर किया जा सकता है।

राज्यों से लिया जाएगा 40 फीसदी का योगदान
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि मौजूदा समय में इस योजना के लिए सरकार ने 2000 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया है, लेकिन समय के साथ इसमे राज्य सरकार अपना योगदान करेंगी ताकि इृसे लागू किया जा सके। केंद्र सरकार इस योजना में 60 फीसदी राजस्व का योगदान करेगी, जबकि राज्यों को 40 फीसदी खर्च वहन करना पड़ेगा। बाकि का 11000 करोड़ रुपए शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं पर 3 व 4 फीसदी का सेस लगाकर इकट्ठा किया जाएगा।

हर परिवार को देना होगा 1000-1200 रुपए का प्रीमियम
नीति आयोग के अध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि इस योजना का 50 करोड़ लोगों को लाभ होगा, इसके लिए 2018-19 में 6000 करोड़ रुपए की आवश्यकता होगी। इस बीमा की प्रीमियम राशि 1000-1200 रुपए प्रति परिवार को देनी होगी, जिसके बाद लोगों को 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा। इस योजना का लाभ किन लोगों को दिया जाएगा इसका आंकलन 2011 के जनगणना के आंकड़ों के लिहास से लोगों की सामाजिक व आर्थिक स्थिति को देखते हुए पहले ही किया जा चुका है।

पहले चल रही योजनाएं होगी खत्म
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन ने बताया कि इस योजना से उन परिवारों को वंचित नहीं किया जाएगा जिनका परिवार बड़ा है, इसमे सभी लोग शामिल किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 24 राज्यों में पहले से ही स्वास्थ्य बीमा की स्कीम हैं, जिसे इस योजना में समाहित कर दिया जाएगा, क्योंकि इस योजना के बाद उन योजनाओं को चलाना मुश्किल होगा। उदाहरण के लिए राजस्थान में सामान्य बीमारी के लिए 3.3 लाख रुपए की मदद की जाती है, गंभीर बीमारी के लिए तीन लाख रुपए जबकि सामान्य बीमारी के लिए 33 हजार रुपए की मदद दी जाती है, लेकिन इस योजना के बाद लोगों को पांच लाख रुपए तक की मदद दी जाएगी।
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