Heeraben Modi: 'पेट पालने के लिए मां धोती थी दूसरों के घर बर्तन... ' कहकर रो पड़े थे पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा था कि 'मेरे पिताजी बचपन में ही गुजर गए थे,ये मेरी मां की तपस्या ही थी कि उन्होंने हम सभी का भविष्य संवारने के लिए खुद को तपा डाला।'

PM Narendra Modi's mother Heeraben Died: शुक्रवार की सुबह बड़ी ही दुखभरी खबर के साथ हुई। आज सुबह पीएम मोदी की मां हीराबेन मोदी ने दुनिया को अलविदा कह दिया। 100 वर्ष की अवस्था में दुनिया से विदाई लेने वाली पीएम मोदी की मां की बीते मंगलवार को तबीयत खराब हुई थी। उन्हें सांस लेने की समस्या की वजह से अहमदाबाद यूएन मेहता कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया गया था, जहां आज सुबह 3.30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। अपनी मां के बेहद करीब रहे पीएम मोदी के लिए आज का दिन किसी वज्रपात से कम नहीं लेकिन अपनी मां को मुखाग्नि देने के बाद पीएम मोदी अपने कर्मपथ पर लौट आए।

पूरे देश की आंखें नम हो गई...
छलकती आंखों से जब पीएम मोदी ने मां के पार्थिव शरीर को कंधा दिया तो पूरे देश की आंखें नम हो गई, क्या आम और क्या खास सब इस पीड़ा से व्यथित हो गए।
'अपनी मां का जिक्र पीएम अक्सर किया करते थे'
आपको बता दें कि भले ही नरेंद्र दामोदरदास मोदी भारत जैसे विशाल देश के प्रधानमंत्री और ग्लोबल स्तर पर लोकप्रिय नेता हों लेकिन अपनी मां के लिए वो छोटे 'नरेंद्र' ही रहे, जिन्हें वो कभी प्यार से देखतीं और कभी जीवन में आगे बढ़ने की राह बतातीं। पीएम मोदी वैसे अपने परिवार की बातें आमतौर पर कभी नहीं करते हैं लेकिन अपनी मां का जिक्र वो अक्सर किया करते थे।

शक्ति, मार्गदर्शक और प्रेरणा...
अपनी मां को अपनी शक्ति, मार्गदर्शक और प्रेरणा बताने वाले मोदी ने साल 2015 में अपनी मां हीराबेन के संघर्ष को जब बयां किया था तो उनके आंसू छलक उठे थे। कैलिफर्निया के फेसबुक हेडक्वार्टर फेसबुक के फाउंडर मार्क जकरबर्ग ने जब उनसे उनकी मां के बारे में सवाल किया था तो पीएम मोदी भावुक हो गए थे जिसे देखकर वहां मौजूद हर इंसान की पलकें भीग गई थीं।

'हम आर्थिक रूप से संपन्न नहीं थे... '
पीएम मोदी ने कहा था कि 'मेरे पिताजी बचपन में ही गुजर गए थे, हम 6 भाई-बहन थे, ये मेरी मां की तपस्या ही थी कि उन्होंने हम सभी का भविष्य संवारने के लिए खुद को तपा डाला। पीएम ने कहा था कि 'हम आर्थिक रूप से संपन्न नहीं थे तो पेट पालने के लिए मां दूसरों के घरों में बर्तन मांजा करती थीं, पानी भरती थीं, मजदूरी करती थीं।'
वो खुद पढ़ी लिखी नहीं थीं ...
'वो खुद पढ़ी लिखी नहीं थीं लेकिन उनका पूरा प्रयास था कि उनके बच्चे जरूर पढ़ाई करें। आप कल्पना कर सकते हैं कि अपने बच्चों को बड़ा करने के लिए एक मां ने कितना कष्ट उठाया है।'

'आशीर्वाद कभी भी खाली नहीं जाता है... '
पीएम मोदी ने कहा था कि 'ये केवल नरेंद्र मोदी के लिए नहीं है बल्कि ऐसी हजारों-लाखों माताएं हैं जो कि अपने बच्चों के लिए ना जानें कितने कष्ट सहती हैं।इसलिए मैं सभी माताओं का शत शत वंदन करता हूं। उनका आशीर्वाद कभी भी खाली नहीं जाता है, वो हमेशा चाहती हैं कि उनका बच्चा सही काम करे और आगे बढ़े।'

मां के निधन से दुखी पीएम मोदी ने किया ये Tweet
पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्हें ट्वीट करके श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा है कि 'शानदार शताब्दी का ईश्वर चरणों में विराम... मां में मैंने हमेशा उस त्रिमूर्ति की अनुभूति की है, जिसमें एक तपस्वी की यात्रा, निष्काम कर्मयोगी का प्रतीक और मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध जीवन समाहित रहा है, मैं जब उनसे 100वें जन्मदिन पर मिला तो उन्होंने एक बात कही थी, जो हमेशा याद रहती है कि કામ કરો બુદ્ધિથી, જીવન જીવો શુદ્ધિથી यानि काम करो बुद्धि से और जीवन जियो शुद्धि से।'












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