Assam Flood: बाढ़ ने असम में बिगाड़े हालात, 500 से अधिक परिवार रेलवे पटरियों पर रहने को मजबूर

असम में बाढ़ का कहर जारी है। कई इलाकों में लोगों की जान बचानी मुश्किल हो रही है। लोगों के घरों में पानी घुस गया है। जन जीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है।

नई दिल्ली, 21 मई: असम में बाढ़ का कहर जारी है। कई इलाकों में लोगों की जान बचानी मुश्किल हो रही है। लोगों के घरों में पानी घुस गया है। जन जीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। लोग जान बचाने के लिए ऊंची जगहों की तरफ भाग रहे हैं। इस संकट के समय में भी ग्रामीणों को सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिल पा रही है।

ऊंची जगह पर भाग रहे लोग

ऊंची जगह पर भाग रहे लोग

बाढ़ प्रभावित जमुनामुख जिले के दो गांवों के 500 से अधिक परिवार रेलवे पटरियों पर रहने को मजबूर हैं। रेलवे ट्रैक ही एकमात्र ऊंची जगह थी, जहां बाढ़ का पानी नहीं पहुंचा है। चांगजुरई और पटिया पत्थर गांव के लोग बाढ़ में सबकुछ खो दिया। उनलोगों का घर बाढ़ में पूरी तरह से डूब गया है। उनके पास तिरपाल शीट से बने अस्थायी झोपड़ी रहने के लिए है।

Recommended Video

    Assam Floods: Assam में बाढ़ बारिश की मार, 29 जिलों में लाखों लोग प्रभावित | वनइंडिया हिंदी
    14 लोगों की मौत

    14 लोगों की मौत

    ग्रामीणों का कहना है कि शासन-प्रशासन की तरफ से उन्हें कोई मदद नहीं पहुंची है। पिछले पांच दिनों से हमलोग काफी मुश्किल में फंसे हैं, लेकिन सरकार की मदद अभी तक नहीं पहुंची है। लगातार हो रही बारिश से स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। 29 जिलों के 2,585 गांवों के 8 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। बारिश के कारण हुए भूस्खलन से अब तक 14 लोगों की मौत भी हो चुकी है।

    खुले आसमान में रहने को मजबूर

    खुले आसमान में रहने को मजबूर

    मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, पैठा पाथर गांव की मोनवारा बेगम (43) फिलहाल एक अस्थायी शेड में रह रही हैं। चार अन्य परिवार बाढ़ से बचने के लिए उसके साथ रह रहे हैं। वे सभी एक ही छत के नीचे अमानवीय परिस्थितियों में रह रहे हैं, खाने को भोजन भी नहीं है। मोनवारा बेगम ने कहा कि तीन दिनों तक हम खुले आसमान के नीचे रहे, फिर हमने कुछ पैसे उधार पर लिए और यह तिरपाल की चादर खरीदी। हम पांच परिवार एक ही चादर के नीचे रह रहे हैं।

    नहीं मिल रहा भरपेट खाना

    नहीं मिल रहा भरपेट खाना

    बाढ़ की एक अन्य पीड़ित ब्यूटी बोरदोलोई भी अपने परिवार के साथ तिरपाल की चादर के नीचे रह रही है। चांगजुरई गांव में उसका घर बाढ़ में बह गया। साथ ही तैयार फसल भी नष्ट हो गई। इस तरह से जीना बेहद मुश्किल है। बोरदोलोई के परिवार के सदस्य सुनंदा डोलोई ने कहा कि स्वच्छ पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। दिन में केवल एक बार ही खाना खा पा रहे हैं, वो भी भरपेट खाना नहीं मिल रहा है।

    राहत बचाव में जुटे आपदा राहत बल

    राहत बचाव में जुटे आपदा राहत बल

    एक अन्य बाढ़ पीड़ित नसीबुर रहमान ने कहा कि चार दिन बाद हमें कल सरकार से मदद मिली। वह भी सबके लिए नहीं है। उन्होंने हमें थोड़ा चावल, दाल और तेल दिया। लेकिन कुछ को वह भी नहीं मिला है। सेना, अर्धसैनिक बलों और राष्ट्रीय और राज्य आपदा राहत बलों ने कथित तौर पर नावों और हेलीकॉप्टरों का उपयोग करके विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 21,884 लोगों को निकाला है।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+