भंडारा अस्पताल हादसे पर स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे का बयान, 3 बच्चों की मौत जलने और 7 की मौत दम घुटने से हुई
महाराष्ट्र के भंडारा जिला अस्पताल में शुक्रवार की रात आग लगने से हुई 10 नवजात बच्चों की मौत पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बयान दिया है कि, "मुझे बताया गया है कि इस हादसे में जिन 10 नवजात बच्चों की मौत हुई
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के भंडारा जिला अस्पताल में शुक्रवार की रात आग लगने से हुई 10 नवजात बच्चों की मौत पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बयान दिया है कि, "मुझे बताया गया है कि इस हादसे में जिन 10 नवजात बच्चों की मौत हुई है उनमें से 3 की मौत जलने से जबकी 7 बच्चों की मौत दम घुटने से हुई है और आग लगने का सबसे बड़ा कारण शॉर्ट सर्किट था।" उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में जांच के आदेश दिए गए है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।"

स्वास्थ्य मंत्री ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया है। बतौर टोपे, "शवों को उनके परिवारजनों को सौंप दिया गया है। हम दोषियों के खिलाफ शख्त से शख्त कार्रवाई करेंगे और कोशिश करेंगे की भविष्य में इस तरह की त्राशदी न हो।"
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आपको बता दें कि महाराष्ट्र के भंडारा जिला अस्पताल में शुक्रवार की रात आग लगने से सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट में मौजूद 17 में से 10 नवजात शिशुओं (जिनमें सभी 1 से 3 माह की उम्र के थे) की मौत हो गई थी। इस पूरे हादसे को लेकर अस्पताल के एक डॉक्टर ने कहा, "शिशु वार्ड में ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था थी और दमकल कर्मियों ने बच्चों को बचाने का हरसंभव प्रयास किया लेकिन वह 7 बच्चों को ही बचा पाए।
आग लगने के बाद उठे धुंए से बच्चों का दम घुट गया था जिसके कारण उनकी मौत हो गई।" इस पूरी घटना पर प्रधानमंत्री मोदी ने गहरी संवेदना व्यक्त की थी और इसे दिल दहलाने वाला हादसा बताया था। वहीं महाराष्ट्र के सीएम उद्दव ठाकरे ने हादसे कि निंदा करते हुए त्वरित जांच के आदेश दिए थे।












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