Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

'भागे, लेकिन भाग नहीं पाए.....उन लोगों ने छाती पर चढ़कर मैला पिलाया'

भागे, लेकिन भाग नहीं पाए.....उन लोगों ने छाती पर चढ़कर मैला पिलाया

"गांव वालों से बचने के लिए हम लोग बहुत भागे, लेकिन उन लोगों ने हम लोगों को पकड़ लिया. रात भर पीटते रहे, ब्लाउज़ फाड़ दिया, साड़ी फाड़ डाला और छाती पर चढ़ कर मैला (मानव मल का घोल) पिलाया. सुबह गाछी में ले जाकर बाल काट दिए."

मुज़फ़्फ़रपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज में भर्ती 55 साल की सुदमिया देवी (बदला हुआ नाम) ने बीबीसी से फ़ोन पर ये बात बताई. सोशल मीडिया पर सुदमिया देवी का एक वीडियो चार अप्रैल की रात से वायरल है जिसमें उनके साथ अमानवीय बर्ताव करते लोग नज़र आ रहे है.

सुदमिया देवी कहती हैं, "तबीयत ठीक नहीं है. मैला पिलाया तो पूरा दिन कुछ खाने का मन नहीं किया. उल्टी करते-करते परेशान हो गए, अभी दू गो सुईया(दो इंजेक्शन)पड़ा है."

क्या है मामला?

बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर ज़िले का ये पूरा मामला सोशल मीडिया पर वॉयरल हुए एक वीडियो के ज़रिए सामने आया. चार अप्रैल की देर शाम वॉयरल हुए इस वीडियो में तीन महिलाओं के कपड़े फंटे हुए, उनके बालों को काटते हुए, उनके साथ मार पीट और उन्हे जबरन मैला पिलाते लोग नज़र आ रहे हैं.

वहीं महिलाएं ख़ुद का बचाव करने की कभी कोशिश करते हुए तो कभी भावना शून्य दिख रही हैं.

सुदमिया देवी के बेटे ने बीबीसी से फ़ोन पर बताया कि उनकी मां अभी मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी में भर्ती हैं.

इस पूरे मामले को विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि तीन अप्रैल की सुबह सुदमिया देवी की दो बहनें आई थी. इसमें से एक बहन को लगा कि उस पर भूत चढ़ा हुआ है जिसको उतारने के लिए वो गांव आई थीं. भूत उतारने का तंत्र मंत्र करने के लिए ही तीन अप्रैल की रात तीनों महिलाएं और घर के ही एक पुरूष रामजी कुमार (बदला हुआ नाम) जो भूत उतारने के लिए भजन गाते हैं वो इलाक़े की रेलवे लाइन के पास तंत्र मंत्र करने लगे.

सुदमिया के बेटे आगे कहते हैं, "मां, मौसी और बाबा पूजा कर ही रहे थे कि रात तक़रीबन 10 बजे गांव के फुलवारी टोले के 25 आदमी आए और सबको पकड़ ले गए. उन्होंने श्याम सहनी के घर पर रात भर इन लोगों को रखा, मारा पीटा, कपड़े फाड़ दिए और चार अप्रैल की सुबह 9 बजे श्याम सहनी के घर से गाछी की तरफ़ ले गए. जहां उनके साथ मार पीट की, बाल छील दिए और मैला पिलाया."

इस मामले में इन तीन महिलाओं के अलावा रामजी कुमार के साथ भी मार पीट करके उन्हें मैला पिलाया गया. फ़िलहाल मुज़फ़्फ़रपुर मेडिकल कॉलेज में सुदमिया देवी और रामजी कुमार भर्ती हैं.

भागे, लेकिन भाग नहीं पाए.....उन लोगों ने छाती पर चढ़कर मैला पिलाया

हम लोगों को डरा धमका कर भगा दिया

पूरे गांव की तरह ही सुदमिया देवी के 36 साल के बेटे भी इस पूरी घटना के गवाह बने.

सुदमिया देवी के बेटे हरियाणा में मज़दूरी करते हैं. होली के दौरान वो घर आए थे और लॉकडाउन के चलते वापस काम पर नहीं लौट पाए.

मैनें उनसे पूछा कि क्या उन्होंने अपनी मां को बचाने की कोशिश नहीं की?

इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "हमारे साहू टोला के कुछ लोगों ने सुबह मां को बचाने की कोशिश की तो उनको डरा धमका कर भगा दिया और जब मैं गया तो मुझसे भी गाली गलौच करके मुझे दूर रहने को कहा. इतना सारा आदमी था हम अकेले क्या करते? चुपचाप देखते रहे."

बाद में सुदमिया देवी, उनकी बहनों और रामजी कुमार को छोड़ दिया गया. जिसके बाद वो घर लौटे. दिन भर ये लोग भूखे पेट रहे और उल्टी करते रहे. देर शाम वीडियो वॉयरल होने के बाद स्थानीय पुलिस ने छापेमारी की और इस मामले में हथौड़ी थाने में वॉयरल वीडियो के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की.

क्या है डायन प्रथा?

बिहार, झारखंड, राजस्थान, ओडिशा समेत देश के कई राज्यों में डायन प्रथा प्रचलित है. इसका शिकार ज्यादातर ग़रीब, कमज़ोर एवं विधवा/एकल महिलाएं होती हैं. इस प्रथा में संपत्ति हड़पने, स्त्री पर यौन अधिकार या किसी अन्य इरादे से औरतों के साथ पुरूषों का समूह पाश्विक बर्ताव करता है.

कभी उन पर किसी मृत बच्चे को ज़िंदा करने का दबाव बनाकर उनके साथ अमानवीय बर्ताव किया जाता है. बिहार में डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, 1999 में ही बना था लेकिन डायन के नाम पर हिंसा की ऐसी घटनाएं सामने आती रहती है.

नौ लोगों की गिरफ़्तारी

मुज़फ़्फ़रपुर के एस एस पी जयंत कांत ने बीबीसी को बताया कि इस मामले में 15 लोगों को अभियुक्त बनाया गया है जिसमें से नौ लोगों की गिरफ़्तारी हो चुकी है. बाक़ी अभियुक्तों की गिरफ़्तारी के लिए छापेमारी जारी है. वॉयरल वीडियो के आधार पर 10 लोगों की पहचान की गई है.

पुलिक कार्रवाई पर सुदमिया के बेटे ने कहा, "हमारे साथ उन लोगों ने ऐसा क्यों किया, इसका कोई कारण मुझे नहीं मालूम. बिना किसी लड़ाई झगड़े के उन्होने मेरी मां को डायन कहकर मैला पिलाया. मैं चाहता हूं कि उन्हें क़ानून में जो उचित दंड लिखा है वो मिले. बाक़ी पुलिस ने इस मामले में मेरे भतीजे अरूण साहनी को भी पकड़ लिया है, जो पूरी तरह ग़लत है."

बता दें कि पीड़ित परिवार का पेशा ओझा गुनी है. ये परिवार ओझा गुनी यानी तंत्र मंत्र के अलावा मज़दूरी करके अपना जीवन गुज़र बसर करता है. सुदमिया देवी और उनकी एक बहन के पति की मृत्यु हो चुकी है. इस मामले में अभियुक्त परिवार के पक्ष से बातचीत नहीं हो सकी.

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+