40,000 जवानों पर भारी भक्तों की जिद, नहीं हो पायी संत रामपाल की गिरफ्तारी
बरवाला। शनिवार को लंबी जदो-जहद के बाद भी बरावाला से संत रामपाल की गिरफ्तारी नहीं हो पायी। हालांकि प्रशासन ने संत रामपाल के पूरे आश्रम को छावनी में बदल दिया था लेकिन संतों की जिद की वजह से अभी तक संत रामपाल को पुलिस अपने कब्जे में ले नहीं पायी है।सतलोक आश्रम में सैकड़ों महिलाएं और बच्चे, पुरुष अनुयायियों के साथ संत रामपाल को गिरफ्तारी से बचाने के लिए घेराबंदी बनाए खड़े हैं और उन्हें सुरक्षा दे रहे हैं। उन्होंने आश्रम में प्रवेश के सभी रास्तों को भी मानव श्रृंखला द्वारा अवरुद्ध कर रखा है।

इस समय बरावाला समेत पूरे इलाके में जबरदस्त तनाव है, पुलिस इसलिए ही सख्ती नहीं दिखा पा रही है। संत रामपाल को सोमवार सुबह 10 बजे पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में पेश किया जाना है। उनके ऊपर हत्या और हत्या की साजिश रचने जैसे आरोप लगे हैं। इसके अलावा संत रामपाल पर कोर्ट की अवमानना का आरोप भी है।
हालांकि संत रामपाल के प्रवक्ता का कहना है कि संत कोर्ट में जरूर पेश होंगे लेकिन वो अभी मेडिकली फिट नहीं है, वह पहले भी अदालत की सुनवाई में शामिल हुए हैं। वह इससे बचने की कोशिश नहीं कर रहे हैं इसलिए उनके ऊपर लगाये जा रहे कानून की अवमानना का आरोप सरासर गलत है। सुनवाई तो वीडियो कांफ्रेस के जरिए भी हो सकती है। प्रशासन ने हमारी पानी, बिजली, दूध सभी चीजों की आपूर्ति बंद कर दी है। यह प्रशासन की ओर से हमारे ऊपर अत्याचार है।
उच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह पुलिस और हरियाणा सरकार की कड़ी आलोचना की थी और 17 नवंबर को रामपाल को न्यायालय में पेश करने का आदेश दिया था।न्यायालय ने पांच नवंबर को ही रामपाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था, लेकिन पुलिस उन्हें न्यायालय में पेश नहीं कर पाई।












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