एडमिशन फार्म में छात्रों से 'अस्वच्छ व्यवसाय' पर सवाल पूछकर फंसी खट्टर सरकार, कांग्रेस ने की माफी की मांग
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि ये फॉर्म स्टूडेंट्स और माता-पिता पर एक तरह से निगरानी रखने जैसा है।
नई दिल्ली। हरियाणा में स्कूल में दाखिले के लिए भरे जाने वाले फॉर्म में बच्चो से हैरान कर देने वाली जानकारियां मांगी गई हैं। छात्रों से प्रवेश फॉर्म में कुल 100 तरह की जानकारी मांगी गई हैं। जिसमें पूछा गया है कि क्या माता-पिता किसी भी 'अस्वच्छ व्यवसाय' में शामिल हैं? क्या आनुवंशिक विकारों से पीड़ित हैं? इतना ही नहीं माता पिता का आधार नंबर दर्ज करना भी अनिवार्य कर दिया है। सरकारी स्कूल में एडमिशन के लिए फॉर्म में इस तरह की जानकारियां मांगने के बाद से हरियाणा की मनोहर खट्टर सरकार सवालों के घेरे में आ गई है। विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे पर हरियाणा सरकार को घेरा है।

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि ये फॉर्म स्टूडेंट्स और माता-पिता पर एक तरह से निगरानी रखने जैसा है। फॉर्म में माता-पिता का पैन नंबर तक पूछा गया है। सुरजेवाला ने मांग की है कि राज्य शिक्षा विभाग आदेश वापस ले और बच्चों के पैरेंट्स से माफी मांगी जाए। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ' खट्टर सरकार ने फिर वही किया। स्टू़डेंट्स को 'अछूत' और उनके माता-पिता के पेशे को 'अशुद्ध' रूप में चिन्हि्त किया है।
आपको बता दें कि एडमिशन के दौरान पूछे गए 100 सवालों में बच्चों से माता-पिता का आधार नंबर, उनका पेशा और शैक्षिक योग्यता के बारे में पूछा गया है। इस फॉर्म में पूछा गया है कि अभिभावक टैक्स दाता हैं या नहीं। उनके धर्म, जाति के बारे में भी पूछा गया है। आरक्षण को लेकर भी जानकारी मांगी गई है।












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