नवजात बच्ची को महिला ने नाले में फेंका तो कुत्तों ने निकाला, अस्पताल में जारी है इलाज
नई दिल्ली। हरियाणा के कैथल से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने भगवान का रूप कही जाने वाली मां के नाम को दागदार कर दिया है। दरअसल यहां एक महिला ने अपनी नवजात बच्ची को पॉलीथीन में भरकर बड़ी ही बेरहमी से नाले में फेंक दिया। बच्ची को कुत्तों ने खींचकर नाले से बाहर निकाला। इस पूरी घटना का एक सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। कैथल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी ने कहा है कि- बच्ची जीवित है लेकिन उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है, हम उसे बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।

नवजात बच्ची को नाले में फेंका
प्रधान चिकित्सा अधिकारी ने आगे कहा कि ये घटना इतनी दुर्भाग्यपूर्ण है कि इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। कहते हैं बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ लेकिन आज भी ऐसे लोग हैं जो बेटी को कबाड़ की तरह फेंक देते हैं। ये घटना आपको भीतर तक झकझोर देती है। सीसीटीवी फुटेज में महिला बच्ची को बुरी तरह बेहरहमी से नाले में फेंकती दिखाई पड़ रही है। वहीं बच्ची को नाले से खींचकर बाहर निकालने वाले कुत्ते ने मानो इंसानियत सिखाई हो। कहा जाता है कि भ्रूण हत्या जैसी घटनाएं लगभग खत्म हो गई हैं लेकिन हरियाणा जैसी जगह पर अब भी ये चीजें देखने को मिल रही हैं।
दुधमुंही बच्ची को कांटों से भरे झोले में फेंका
इसके पहले हाल ही में ऐसा मामला सामने आया था। यहां यूपी के सीतापुर में मां की ममता उस वक्त कलंकित हो गई जब एक औरत ने अपनी दुधमुंही बच्ची को कांटों से भरे झोले में रखकर गन्ने के खेत में फेंक दिया। झोले के अंदर मासूम रोती रही, रोने की आवाज सुनकर एक परिवार वहां पहुंचा और बच्ची को अपनाते हुए पुलिस को सूचना दी। फिलहाल बच्ची को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया ।मामला हरगांव थाना क्षेत्र के अकबरपुर गांव का है। जहां पर गन्ने के खेत से किसी बच्चे के रोने की आवाज आ रही थी। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर गांव के काफी लोग खेत के पास इकट्ठा हो गए। इसी दौरान गांव की रहने वाली रेनू वहां पहुंच गई और झोला खोलकर देखा तो वह दंग रह गई।

दूसरी मां ने लिया बच्ची को गोद
झोले में कांटे रखे गए थे और उन कांटों पर एक दिन पहले जन्मी बच्ची को रखा गया था। आनन-फानन में सूचना पुलिस को दी गई और बच्ची को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया जहां उसका उपचार किया गया। वहीं रेनू ने बताया कि उनके एक बेटा है लेकिन अब उनकी एक बेटी भी हो गई है जिसे उन्होंने गोद लिया है। बच्ची के मिलने की सूचना पर बाल विकास की टीम भी जिला अस्पताल पहुंच गई और अपनी देख-रेख में बच्ची का इलाज शुरू कराया।
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