गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल की फार्मेसी और ब्लड बैंक का लाइसेंस रद्द
नई दिल्ली। गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल की फॉर्मेसी और ब्लड बैंक का लाइसेंस हरियाणा सरकार ने रद्द कर दिया है। डेंगू की वजह से 7 साल की बच्ची आद्या सिंह की मौत के मामले में अस्पताल पर ये कार्रवाई की गई है। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बताया कि इस मामले की शिकायत के बाद जांच के लिए 3 सदस्यीय समिति बनाई गई थी। इस समिति की जांच में सामने आया कि अस्पताल की फार्मेसी और ब्लड बैंक विभाग में लापरवाही हो रही है और यहां काफी अनियमितताएं हैं। इस समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही ये कार्रवाई की गई है।

सात साल की बच्ची की मौत के मामले में हुई जांच
सात साल की बच्ची आद्या सिंह को डेंगू हो जाने के बाद 31 अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, 14 सितंबर को आद्या की मौत हो गई थी। आद्या के पिता जयंत सिंह के दोस्त ने 17 नवंबर को ट्विटर पर लिखा था कि आद्या की डेंगू की बीमारी के इलाज में अस्पताल ने 16 लाख रुपए का बिल परिजनों से लिया लेकिन सच ये है कि उसका इलाज ठीक ने नहीं किया गया और उसको बचाया नहीं जा सका। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन पर रिपोर्ट हुई और मामले की जांच शुरू हुई।

गैर इरादतन हत्या का हुआ था मुकदमा
आद्या सिंह की डेंगू की वजह से मौत के मामले में गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल प्रबंधन व चिकित्सकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित दो एफआईआर दर्ज की गई थी। समिति की 41 पन्नों की जांच रिपोर्ट में सामने आया कि हीं छोटी लड़की को दी गई दवाओं पर 108 प्रतिशत प्रॉफिट फार्मेसी ने कमाया। रिपोर्ट में अस्पताल को लापरवाही, अनैतिक और गैरकानूनी कृत्यों का दोषी पाया है।

दिल्ली सरकार ने की थी मैक्स अस्पताल पर कार्रवाई
बीते साल दिसंबर में दिल्ली में भी अस्पताल की लापरवाही का मामला सामने आय था। इसमें दिल्ली सरकार ने शालीमार बाग मैक्स अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया था। दिल्ली के एक दंपत्ति ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा था कि अस्पताल ने उनके नवजात जिंदा बच्चे को मृत बता कर उन्हें सौंप दिया था। मामला संज्ञान में आने के बाद दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने तुरंत जांच के आदेश दिए थे।












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