अमेरिका से भक्त ने भेजे हनुमानजी के लिए सांता क्लॉज के कपड़े, पहनाए तो मचा बवाल
नई दिल्ली। भगवान हनुमान को दलित, मुस्लिम, आदिवासी और जाट बताए जाने के बाद मचा विवाद अभी थमा नहीं था कि, गुजरात के एक मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा को सांता क्लॉज के कपड़े पहनाए जाने के बाद एक बार फिर से विवाद खड़ा हो गया है। ये वस्त्र पहनाने के कारण कई भक्त नाराज हो गए और कई हिन्दू संस्थाओं ने इसे बजरंगबली का अपमान बताया। दरअसल हनुमान मंदिर के ट्रस्टियों ने हनुमानजी को सांता क्लॉज की ड्रेस पहनाकर सर्वधर्मसंभाव का संदेश देने का प्रयास किया था।

30 दिसंबर को मंदिर के पुजारी ने हनुमान जी को पहनाए थे ये कपड़े
गुजरात के बोटाद में सारंगपुर हनुमान को कष्टभंजन देव के तौर पर जाना जाता है। 30 दिसंबर को मंदिर के पुजारी ने हनुमान जी को लाल और सफेद रंग के बॉर्डर वाले कपड़े पहनाए थे। ये परिधान दिन में दो बार भगवान के श्रीविग्रह के वस्त्र बदले जाने की परंपरा के दौरान पहनाए गए। इस पर आसपास के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और विवाद शुरू हो गया। हालांकि विवाद बढ़ता देख मंदिर के प्रशासन में इस सफाई दी है।

अमेरिका में रहने वाले श्रद्धालु ने भेजे थे कपड़े
मंदिर प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि, मंदिर के प्रमुख विवेक सागर ने बताया कि अमेरिका में रहने वाले श्रद्धालु धमर भाई ने ये परिधान वहां तैयार करवा कर भेजे हैं। रविवार के श्रृंगार का ये भाव था कि भगवान को ठंड से बचाव के चलते गर्म परिधान पहनाए जाएं। इन परिधानों में मखमली में टोपी भी शामिल थी। लेकिन परिधानों की किनारी सफेद होने के कारण ये 'सांता क्लॉज' की पोशाक की तरह दिखने लगे। इस वजह से विवाद हुआ है।

कुछ भक्त बोले मुझे कोई आपत्ति नहीं
शहर के एक व्यवसायी हेमंत भट्ट, जो नियमित रूप से सालंगपुर जाते हैं, ने कहा, यदि भगवान हनुमान सांता क्लॉज़ के रूप में दिखते हैं तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि यह भगवान के साथ विभिन्न त्योहारों को मनाने की परंपरा है। मैंने तस्वीर देखी। मुझे नहीं लगता कि मूर्ति सांता की तरह दिखती है। वहीं वीएचपी गुजरात के महासचिव अशोक रावल ने कहा, मुझे इस मुद्दे की जानकारी नहीं है। लेकिन अगर हनुमानजी को सांता क्लॉज के कपड़े पहनाए गए थे, तो मुझे लगता है कि ऐसा करने की कोई आवश्यकता नहीं है। उत्सव मनाने के लिए हमारे अपने त्योहार हैं।












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