Gujarat News: विकास सप्ताह में गुजरात की औद्योगिक छलांग: ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में 15 वर्षों में 22 गुना वृद्धि
गुजरात के ऑटोमोबाइल विनिर्माण क्षेत्र में 15 वर्षों में 22 गुना उत्पादन वृद्धि देखी गई है, जो 'मेक इन इंडिया' पहल से प्रेरित है। राज्य ने ₹71,425 करोड़ का उत्पादन और महत्वपूर्ण निर्यात मील के पत्थर हासिल किए, जो इसकी औद्योगिक लचीलापन और नवाचार को दर्शाता है।
गुजरात सरकार द्वारा 7 से 15 अक्टूबर तक मनाए जा रहे राज्यव्यापी ‘विकास सप्ताह’ के तहत 10 अक्टूबर को ‘उद्योग साहसिक दिवस’ के रूप में मनाया जा रहा है। यह दिन गुजरात की औद्योगिक उपलब्धियों और नवाचार की भावना को समर्पित है। इस अवसर पर राज्य ने ऑटोमोबाइल विनिर्माण क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों में दर्ज की गई अभूतपूर्व प्रगति को रेखांकित किया है।

15 वर्षों में 22 गुना उत्पादन वृद्धि, CAGR 24.84% भारत सरकार के वार्षिक औद्योगिक सर्वेक्षण (ASI) के अनुसार, गुजरात में मोटर वाहन, ट्रेलर और सेमी-ट्रेलर का उत्पादन वर्ष 2008-09 में ₹3,200 करोड़ था, जो 2022-23 में बढ़कर ₹71,425 करोड़ तक पहुँच गया। यह लगभग 22 गुना वृद्धि दर्शाता है, जिसमें चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) 24.84% रही।
वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को गुजरात ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपनाया। वर्ष 2015-16 से 2022-23 के बीच राज्य के ऑटो विनिर्माण क्षेत्र में 12 गुना वृद्धि दर्ज की गई, जहाँ उत्पादन ₹5,836 करोड़ से बढ़कर ₹71,425 करोड़ तक पहुँच गया।
कोविड-प्रभावित वर्ष 2020-21 में जहाँ उत्पादन ₹34,107 करोड़ था, वहीं 2022-23 में यह बढ़कर ₹71,425 करोड़ हो गया। यह दो वर्षों में 109% की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है, जो गुजरात की औद्योगिक पुनरुद्धार क्षमता का प्रमाण है।
वैश्विक निर्यात में गुजरात की धमक: ₹13,800 करोड़ का ऑटो निर्यात
वित्त वर्ष 2024-25 में गुजरात ने ₹13,799.79 करोड़ मूल्य के ऑटो और ऑटो कंपोनेंट्स का निर्यात किया। इसमें ₹2,628 करोड़ के ऑटो पार्ट्स और ₹11,172 करोड़ के मोटर वाहन शामिल हैं। राज्य ने 1,77,924 वाहन 102 देशों को निर्यात किए, जिनमें दक्षिण अफ्रीका, जापान, सऊदी अरब, चिली, यूएई, मैक्सिको और कोलंबिया प्रमुख हैं।
साणंद और मांडल-बेचराजी: गुजरात के ऑटोमोटिव हब
गुजरात के साणंद और मांडल–बेचराजी विशेष निवेश क्षेत्र (MBSIR) ऑटोमोबाइल विनिर्माण के दो प्रमुख केंद्र बन चुके हैं। साणंद में टाटा मोटर्स और जेबीएम जैसे दिग्गजों की मौजूदगी ने एक मजबूत ऑटो कंपोनेंट ईकोसिस्टम तैयार किया है, जबकि मांडल–बेचराजी अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स को आकर्षित कर रहा है। गुजरात की यह औद्योगिक यात्रा प्रधानमंत्री मोदी के "मेक इन इंडिया" और "मेक फॉर द वर्ल्ड" विज़न को साकार करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।












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