गुजरात सरकार 30 साल की लीज पर देगी गैर उपजाऊ जमीन, शुरू की ये अहम योजना
गांधीनगर। गुजरात सरकार अब कृषि क्षेत्र में विकास को लेकर काफी गंभीर है। इसके मद्देनजर गुजरात सरकार ने मंगलवार को एक बागवानी विकास मिशन की घोषणा की। इस मिशन को कृषि और बागवानी के विकास में तेजी और हर्बल पौधों की खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया जा रहा है। इस बारे में खुद गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने जानकारी दी है।

योजना से किसानों की आय होगी दोगुनी: सीएम रूपानी
गांधीनगर में इस संबंध में घोषणा करते हुए, गुजरात सीएम विजय रूपानी ने कहा कि इससे किसानों की आय दोगुनी होगी और रोजगार पैदा होगा। बागवानी विकास मिशन के तहत किसानों और गैर-किसानों को 30 सालों के लिए पट्टे पर एक अवधि के लिए अयोग्य और परती भूमि आवंटित की जाएगी।
i-Khedut पोर्टल पर उपलब्ध होगी जमीन की जानकारी
जानकारी के मुताबिक, पहले चरण में, राज्य सरकार ने ऐसे 20 लाख हेक्टेयर भूमि की पहचान की है, जो लीज पर दी जा सकती है। कृषि सचिव मनीष भारद्वाज ने बताया कि ऐसे जमीनों की सर्वेक्षण संख्या और अन्य जानकारी जल्द ही i-Khedut पोर्टल पर डाल दी जाएगी। इसके बाद कोई भी व्यक्ति, समूह, कंपनी या संगठन जमीन के लिए आवेदन कर सकता है। हालांकि, भूमि के आवंटन पर अंतिम निर्णय एक उच्च शक्ति समिति द्वारा लिया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री करेंगे।
पहले चरण में इन इलाकों में होगा भूमि आवंटन
पहले चरण में, पाटन, कच्छ, साबरकांठा, बनासकांठा और सुरेंद्रनगर में भूमि आवंटित की जाएगी। प्रति परियोजना भूमि 50 से 400 हेक्टेयर तक होगी, और पट्टे की अवधि 30 वर्ष से अधिक नहीं होगी। वैसे तो इस योजना के लिए एक गैर-किसान भी आवेदन कर सकता है, लेकिन उसे 'किसान का दर्जा' नहीं मिलेगा, क्योंकि भूमि राज्य सरकार के नाम पर रहेगी। भूमि लेने के लिए एक मामूली लीज रेट और एक सिक्योरिटी डिपॉजिट देना होगा।












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