Guillain-Barre Syndrome: पुणे में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम के 101 केस, एक की मौत! आखिर कितनी खतरनाक है ये बीमारी
Guillain-Barre Syndrome Case: पुणे में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (GBS) के मामलों की संख्या 100 के आंकड़े को पार कर गई है। सोलापुर से भी एक संदिग्ध जीबीएस मौत की सूचना मिली है। कुछ रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़ित को पुणे में संक्रमण हुआ और बाद में वह सोलापुर गया, जहां से उसकी मौत की खबर सामने आई है।
महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग ने पुणे, पिंपरी चिंचवाड़, पुणे ग्रामीण और कुछ पड़ोसी जिलों में जीबीएस से पीड़ित संदिग्ध 18 अन्य व्यक्तियों की भी पहचान की। अलग-अलग अस्पतालों में जीबीएस के 101 सस्पेक्टेड केस हो गए हैं। इसमें से ज्यादा लोगों की हालत गंभीर है और वो वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक जीबीएस के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 101 हो गई है, जिनमें 68 पुरुष और 33 महिलाएं हैं। इनमें से 16 वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं।
इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने मामलों में अचानक बढ़ोतरी की जांच के लिए अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में 24 संदिग्ध मामलों की संख्या बढ़ी है। जिसको देखते हुए एक त्वरित प्रतिक्रिया दल (आरआरटी) का गठन किया गया है। पुणे में हफ्ते भर के 20 से ज्यादा सस्पेक्टेड केस का मिलना स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय बन गया है।
What is Guillain-Barré Syndrome: क्या है गुइलेन-बैरे सिंड्रोम?
गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (GBS) एक प्रकार की दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, इसमें चलना, उठना-बैठक और सांस लेने में बहुत ज्यादा परेशानी होती है। ये एक ऑटोइम्यून कंडीशन है। इसमें हमारा इम्यून सिस्टम अपनी ही नर्व्स पर हमला कर देता है। जिसकी वजह से न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर होता है।
गुइलेन-बैरे सिंड्रोम में हाथ-पैर कमजोर पड़ने लगते हैं, सांस लेने में तकलीफ होती है और उठना-बैठना तक मुश्किल हो जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि ये एक खतरनाक बीमारी है। हालांकि ये एक रेयर सिंड्रोम है। एक आंकड़ों के मुताबिक हर साल पूरी दुनिया में इसके एक लाख केस सामने आते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक गुइलेन-बैरे सिंड्रोम एक रेयर न्यूरोलॉजिकल स्थिति है। इस सिंड्रोम में, मांसपेशियों की गति को नियंत्रित करने वाली नसें और दर्द, तापमान और स्पर्श संवेदनाओं को ले जाने वाली नसें प्रभावित होती हैं, जिससे मांसपेशियों में कमजोरी, पैरों और बाहों में दर्द और खाना निगलने और सांस लेने में कठिनाई होती है।













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