Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

GST Rate 2025: अब पार्लर में फेशियल - स्पा कराना होगा सस्ता, योगा क्लास पर भी घटेगा खर्च, कितना कम लगेगा पैसा?

GST Rate Spa and Salon: त्योहारों से पहले केंद्र सरकार ने आम लोगों को राहत देते हुए GST दरों में बड़ा बदलाव किया है। अब अगर आप पार्लर जाकर फेशियल, मसाज या स्पा कराने की सोच रहे हैं, तो आपकी जेब पर अब कम असर होगा। वहीं जिम और योगा क्लासेस पर भी टैक्स घटने से लोगों को राहत मिलेगी। इसका असर आपको 22 सितंबर 2025 से देखने को मिलेगा।

ब्यूटी और वेलनेस सर्विसेज पर सिर्फ 5% GST

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने साफ किया है कि सैलून, जिम, स्पा और योगा जैसी सेवाओं पर अब सिर्फ 5% GST लगेगा। पहले इन सेवाओं पर 18% GST के साथ इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का विकल्प था, लेकिन अब वह खत्म कर दिया गया है। आइए जानें अब पहले से कितना कम रुपये लगेगा?

GST Rate Spa and Salon

उदाहरण के लिए, अगर आप 2,000 रुपये का फेशियल या कोई और सर्विस लेते थे तो पहले उस पर 360 रुपये टैक्स देना पड़ता था यानी 18%। लेकिन 22 सितंबर से अब वही सर्विस सिर्फ 100 रुपये टैक्स (5%) के साथ मिलेगी। यानी ग्राहकों को सीधे-सीधे फायदा होगा और बिल पहले से काफी कम आएगा।

ITC हटने से सर्विस प्रोवाइडर्स को झटका

ग्राहकों को राहत भले मिली हो, लेकिन ब्यूटी और फिटनेस इंडस्ट्री से जुड़े कारोबारियों के लिए यह फैसला उतना आसान नहीं है। अब उन्हें इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा नहीं मिलेगा। इसका मतलब है कि पार्लर, जिम और स्पा जो सामान, प्रोडक्ट या मशीन खरीदते हैं, उस पर दिया गया टैक्स वे आगे एडजस्ट नहीं कर पाएंगे।

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इससे सर्विस प्रोवाइडर्स को अपनी प्राइसिंग स्ट्रैटेजी दोबारा तय करनी होगी। हालांकि, ग्राहकों के लिए यह बदलाव जरूर पॉजिटिव है क्योंकि सीधा असर उनके बिल पर दिखेगा।

एक्सपर्ट का ये भी कहना है कि कम किया गया जीएसटी स्लैब कम समय के लिए ही उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद साबित होगा। टैक्स का बोझ घटने से लोग ब्यूटी ट्रीटमेंट, स्पा थेरेपी और फिटनेस प्रोग्राम जैसी वैकल्पिक सेवाओं पर खर्च करने के लिए ज्यादा उत्साहित हो सकते हैं और उनके खर्च बढ़ेंगे।

त्योहारों से पहले ग्राहकों के लिए खुशखबरी

त्योहारों का सीजन नजदीक है और ऐसे समय में ब्यूटी व वेलनेस सेक्टर में खर्च बढ़ जाता है। सरकार का मानना है कि टैक्स कटौती से लोग ज्यादा सर्विसेज का फायदा उठाएंगे, जिससे इंडस्ट्री को भी फायदा होगा और ग्राहकों की जेब पर भी कम दबाव पड़ेगा।

बिजनेस टुडे से स्टाइल लाउंज के सह-संस्थापक दीपक गुप्ता ने कहा, "जीएसटी में तर्कसंगत बदलाव ब्यूटी इंडस्ट्री के लिए विन-विन स्थिति है। ग्राहकों के लिए सैलून विजिट तुरंत ही किफायती हो जाएगा-अब सेल्फ-केयर कोई लग्जरी नहीं बल्कि एक सहज रूटीन जैसा महसूस होगा। सैलून के लिए भले ही इनपुट टैक्स क्रेडिट की कमी से कुछ लागत का बोझ बना रहे, लेकिन कम टैक्स दर से ग्राहकों की संख्या और बार-बार आने की संभावना बढ़ेगी। यह दोहरा फायदा-क्लाइंट्स के लिए आसानी और बिजनेस के लिए बेहतर फ्लो-ब्यूटी और वेलनेस सेक्टर को भारतभर में और समावेशी तरीके से विस्तार करने में मदद करेगा।"

सरकार का मकसद क्या है?

सरकार का दावा है कि ये बदलाव GST 2.0 सुधारों का हिस्सा हैं। इसका लक्ष्य टैक्स स्ट्रक्चर को सरल बनाना और टैक्स चोरी पर लगाम लगाना है। साथ ही, सरकार चाहती है कि आम लोग ऐसी सेवाओं में राहत महसूस करें जिनका सीधा असर उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+