CAA पर सुनवाई से पहले देर रात सुप्रीम कोर्ट के बाहर धरने पर बैठीं महिलाएं
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में नागरिकता संशोधन कानून से जुड़ी याचिकाओं पर आज सुनवाई होनी है। वहीं, नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में महिलाओं का एक ग्रुप मंगलवार देर रात सुप्रीम कोर्ट के बाहर धरने पर बैठ गया। महिलाओं के हाथ में सीएए और एनआरसी के विरोध वाले पोस्टर भी थे। पुलिस के आने पर इन महिलाओं ने कहा कि यहां प्रदर्शन करना उनका बुनियादी अधिकार है। हालांकि, 15-20 की संख्या में धरने पर बैठी इन महिलाओं को किसी तरह पुलिस ने समझा-बुझाकर वहां से हटाया।

सुप्रीम कोर्ट में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ और समर्थन में 144 याचिकाएं दाखिल की जा चुकी है, जिसपर आज कोर्ट में अहम सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस अब्दुल नजीर, जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच इन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।
नागरिकता संशोधन कानून का कई राज्यों में भारी विरोध हो रहा है। दिल्ली के शाहीन बाग में इक कानून के खिलाफ बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं 38 दिनों से धरने पर बैठी हैं। उनकी मांग है कि सरकार इस कानून को वापस ले। इनकी तरफ से एक प्रतिनिधिमंडल ने कल दिल्ली के एलजी अनिल बैजल से भी मुलाकात की थी।
नागरिकता संशोधन कानून में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के हिंदू, सिख, जैन, ईसाई, बौद्ध और पारसी समुदाय के अल्पसंख्यकों को धार्मिक उत्पीड़न के आधार पर भारत की नागरिकता देने का प्रावधान है। वहीं, इस कानून में मुस्लिमों को शामिल ना करने का विरोध हो रहा है और मांग की जा रही है कि या तो सरकार इसमें मुस्लिमों को भी शामिल करे या फिर इस एक्ट को वापस ले।
सुप्रीम कोर्ट में इस कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है। वहीं, अलग-अलग राज्यों में दायर होने वाली याचिकाओं को स्थानांतरित करने को लेकर केंद्र की तरफ से भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिसपर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होनी है।












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