प्रधानमंत्री उज्जवला योजना: गांव की रसोई में महिलाओं के रोके आंसू, पढ़े कैसे उठाएं फायदा
नई दिल्ली। 'स्वच्छ ईंधन, बेहतर जीवन' के स्लोगन के साथ 1 मई 2016 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ग्रामीण इलाके की महिलाओं के लिए एक सामाजिक कल्याण योजना "प्रधानमंत्री उज्जवला योजना" की शुरूआत की है। इस योजना का मकसद धुंआरहित ग्रामीण भारत का निर्माण करना हैं। महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इस योजना की शुरूआत की और साल 2019 तक देश के 5 करोड़ परिवार को एलपीजी कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा। इस योजना का उद्देश्य गरीब महिलाओं को जल्द ही मिट्टी के चूल्हे से आजादी दिलाया और धुंए की वजह से उनके स्वास्थ पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को कम करना है। पीएम मोदी की इस योजना का मकसद जीवाश्म ईंधन की जगह एलपीजी के उपयोग को बढ़ावा देना है। साथ ही महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देकर उन्हें आगे बढ़ाने हैं।

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना
साल 2016 में पीएम मोदी ने बलिया, उत्तर प्रदेश में आयोजित कार्यक्रम में इस योजना की शुरुआत की ,जो देश की महिलाओं के लिए कारगर साबित हुई। तीन साल के भीतर सरकार ने 5 करोड़ महिलाओं और सीधे तौर पर उनके परिवार को एलपीजी कनेक्शन से जोड़ने का लक्ष्य रखा। साल 2019 तक सरकार 5 करोड़ परिवारों खास तौर पर गरीबी रेखा से नीचे रह रही महिलाओं को रियायती एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है।

गरीब महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन
प्रधानमंत्री की इस योजना के तहत गरीब परिवार की महिलाओं को मुफ्त रसोई गैस (एलपीजी) कनेक्शन मुहैया कराने के लिए मंत्रिमंडल ने 8,000 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया। उज्ज्वला योजना को अब तक 715 जिलों तक पहुंचाया गया है। इस योजना को अब तक 4,50,63,665 महिलाओं तक पहुंचाया जा चुका है।इस योजना के बारे में विस्तार से जानने के लिए आप इस लिंक पर जाकर जानकारी ले सकते हैं। http://www.pmujjwalayojana.com/

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का मुख्य उद्देश्य
इस योजना का मुख्य मकसद ग्रामीण परिवारों को खाना पकाने के लिए जीवाशम ईंधन से होने वाली बीमारियों से बचाना है। ईंधन के लिए ग्रामीण इलाकों में लगातार पेड़ों को काटा जा रहा है, सरकार उज्जवला योजना की मदद से पेड़ों की कटाई को कम करना चाहती है। ग्रामीण इलाके में महिलाओं को चूल्हे से आजादी और धुंए से उनके स्वास्थ पर पड़ने वाले खतरनाक असर से बचाना है। इस योजना के तरफ से सभी बीपीएल परिवारों( 2011 की जनगणना के अनुसार) 1600 रूपए की वित्तीय सहायता देने का प्रावधान रखा गया है।

उज्जवला योजना के लिए शर्तें
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ लेने के लिए आपका नाम BPL परिवार के लिस्ट में दर्ज होना चाहिए। सबसे खास बात कि इस योजना का लाभ पाने के लिए ये जरूरी है कि आपके पास पहले से कोई एलपीजी कनेक्शन न हो। इस शर्त को पूरा करने वाली महिला सदस्य निम्नलिखिति दस्तावेजों के साथ वो नजदीकी एलपीजी केंद्र जाकर इस योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं। उज्जवला योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है। आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज और शर्ते:
- महिला का एक बचत खाता राष्ट्रीय बैंक में होना चाहिए।
- आवेदक के नाम पर कोई एलपीजी कनेक्शन नहीं होना चाहिए।
- आवेदक के पास बीपीएल कार्ड होना चाहिए।

उज्जवला योजना के आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
पंचायत या नगर निगम द्वारा अधिकृत BPL कार्ड
बीपीएल राशन कार्ड
फोटो आईडी (आधार कार्ड, वोटर आईडी)
पासपोर्ट साइज दो फोटो
राशन कार्ड की कॉपी
राजपत्रित अधिकारी (गैजेटेड अधिकारी) द्वारा सत्यापित स्व-घोषणा पत्र
आवास पंजीकरण दस्तावेज
LIC पालिसी
बैंक / क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट
आवेदक महिला होनी चाहिए जिसकी उम्र 18 साल से अधिक हो।

उज्जवला विस्तार
प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की सफलता ततो देखते हुए सरकार ने उज्ज्वला योजना का विस्तार किया। जिसके तहत 3 करोड़ लोगों को कनेक्शन दिया जाएगा। इस योजना के विस्तार से 3 करोड़ और लोगों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन मिलेगा। इस के विस्तार से सरकार पर 4800 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। इन नए 3 करोड़ कनेक्शंस के लिए साल 2020 तक का लक्ष्य तय किया गया है।












Click it and Unblock the Notifications