मानसून सत्र में हर मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है सरकार: प्रहलाद जोशी
नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र सोमवार 14 सितंबर से शुरू हो रहा है। कई सदस्यों ने सत्र में सरकार के द्वारा लाए जा रहे अध्यादेश या बिल पर चर्चा के साथ-साथ चीन के साथ सीमा विवाद, कोरोना वायरस की वर्तमान स्थिति और देश में पलायन की स्थिति पर चर्चा की मांग की है। लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा बुलाई गई बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक के बाद न्यूज़18 को मिली जानकारी के अनुसार सांसदों ने सदन में चर्चा के लिए कई मुद्दों आगे किया है।

कई सदस्य चाहते हैं कि मानसून सत्र में चीन के साथ सीमा विवाद के साथ-साथ वैश्विक महामारी कोरोना और देश में इसकी स्थिति पर चर्चा हो। इसके अलावा कई सदस्य लॉकडाउन और उसके बाद हुए पलायन को लेकर भी चर्चा की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही कई सदस्यों ने देश के आर्थिक हालात और जीएसटी पर भी चर्चा की मांग की है। बता दें एलएसी के कई स्थानों पर भारतीय सेना और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) मई महीने से ही आमने सामने है। गत 45 साल में पहली बार सोमवार को एलएसी पर गोली चली जिसका आरोप दोनों पक्ष एक दूसरे पर लगा रहे हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ने सभी दलों के साथ की चर्चालोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक के बाद कहा कि सभी दलों के नेताओं के साथ चर्चा हुई। सभी दलों के नेताओं ने अपने संवैधानिक दायित्व को निभाने का संकल्प लिया है। वे चाहते हैं कि आम जनता की अपेक्षा और आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर सदन चले। उन्होंने लोकसभा में सार्थक चर्चा की उम्मीद भी जताई है।
संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा है कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा को लेकर के तैयार हैं हालांकि उनका यह भी कहना था कि मंगलवार को फिर से बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक होगी। तमिलनाडु से सांसद वसंत कुमार के निधन और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन को लेकर के बिजनेस एडवाइजरी कमिटी की बैठक में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस की ओर से लोकसभा को एक दिन स्थगित करने की मांग की गई। लेकिन सदन के 1 घंटे के लिए स्थगित होने पर सहमति बनी।












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