जल्द सस्ता होगा खाद्य तेल, सरकार ने पाम और सोयाबीन तेल पर बेसिक ड्यूटी की शून्य

नई दिल्ली, 05 नवंबर: देश में खाद्य तेल की बढ़ी कीमतों ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ रखा है। इसके देखते हुए शुक्रवार को केंद्र सरकार ने कच्चे पाम तेल, कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे सूरजमुखी तेल पर मूल शुल्क 2.5% से घटाकर शून्य कर दिया है। पिछले एक साल से खाना पकाने के तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि देखने को मिली है। तेलों पर लगने वाले कृषि उपकर को कच्चे पाम तेल के लिए 20% से घटाकर 7.5% और कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे सूरजमुखी तेल पर घटाकर 5% कर दिया गया है।

Recommended Video

    Petrol Diesel Price: Modi Govt ने अब Edible Oil पर टैक्स में की कटौती | वनइंडिया हिंदी
    Govt cut basic duty on Crude Palm Oil, Crude Soyabean Oil and Crude Sunflower Oil from 2.5% to nil

    आरबीडी पामोलिन ऑयल, रिफाइंड सोयाबीन और रिफाइंड सनफ्लावर ऑयल पर मौजूदा बेसिक ड्यूटी 32.5% से घटाकर 17.5 फीसदी कर दी गई है। कटौती से पहले, कच्चे खाद्य तेलों के सभी रूपों पर कृषि अवसंरचना उपकर 20% था। कटौती के बाद क्रूड पाम ऑयल पर 8.25%, क्रूड सोयाबीन ऑयल और क्रूड सनफ्लावर ऑयल पर 5.5% प्रभावी शुल्क लगेगा। इन करों को कम किए जाने के बाद खाद्य तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिलेगी।

    सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि, सरकार ने खाद्य तेलों की कीमतों पर नियंत्रण कर पाम तेल, सूरजमुखी तेल और सोयाबीन तेल पर आयात शुल्क को युक्तिसंगत बनाया है, एनसीडीईएक्स पर सरसों के तेल में वायदा कारोबार को निलंबित कर दिया गया है और स्टॉक सीमा लागू कर दी गई है। अदानी विलमर और रुचि उद्योगों सहित प्रमुख खाद्य तेल कंपनियों ने थोक कीमतों में 4 -7 प्रति लीटर रुपये की कटौती की है। त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कीमतों में कमी की गई है।

    एसईए ने कहा कि जेमिनी एडिबल्स एंड फैट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (हैदराबाद), मोदी नैचुरल्स (दिल्ली), गोकुल रिफॉइल्स एंड सॉल्वेंट लिमिटेड (सिद्धपुर), विजय सॉल्वेक्स लिमिटेड (अलवर) गोकुल एग्रो रिसोर्सेज लिमिटेड और एनके प्रोटींस प्राइवेट लिमिटेड (अहमदाबाद) खाद्य तेलों की थोक दरों में कमी करने वाली अन्य कंपनियां हैं। एसईए द्वारा अपने सदस्यों से त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को अधिक कीमतों से राहत देने के लिए ऐसा करने की अपील किये जाने के बाद इन कंपनियों ने थोक कीमतों में कमी की है।

    घरेलू खाद्य तेल की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ तालमेल में वृद्धि हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार- इंडोनेशिया, ब्राजील और अन्य देशों में जैव ईंधन के लिए तिलहन का उपयोग बढ़ने के बाद खानपान के उपयोग के लिए खाद्य तेलों की उपलब्धता कम होने के कारण इन तेलों की कीमतों में वृद्धि हुई है। भारत अपनी 60 प्रतिशत से अधिक खाद्य तेलों की आवश्यकता को आयात के माध्यम से पूरा करता है। वैश्विक कीमतों में किसी भी वृद्धि का स्थानीय कीमतों पर सीधा प्रभाव पड़ता है।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+