यह प्याज है रुला भी सकती है...सरकार करेगी कीमत पर नियंत्रण या प्याज फिर रुलाएगी आपको?
मुंबई। प्याज। वो... जिसके बिना सब्जी का स्वाद कई लोगों के लिए बेकार हो जाता है। वो जिसके काटने पर आंसू आ जाया करते हैं। वही प्याज जिसको सब्जी न होने पर गांव में आज भी रोटी पर रखकर खाया जाता है। वही आज आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही है। हर साल प्याज महंगाई के आंसू रुलाती है। हर बार त्योहार के सीजन में प्याज के दाम बढ़कर आसमान छूते हैं। लेकिन लगता है इस बार सरकार पहले से ही कमर कस रही है। गौरतलब है कि गत वर्ष प्याज की कीमतें सौ रुपए प्रति किलो तक जा पहुंची थी।

अभी फिलहाल प्याज की कीमत तीस रुपए किलो तक है। लेकिन इसकी आशंकाएं उभर रही हैं कि जमाखोर सक्रिय हो सकते हैं। जिसके कारण प्याज की आपूर्ति प्रभावित होने पर प्याज के दाम अधिक कीमत पर पहुंच सकती है। गौरतलब है कि तैयारी इसलिए भी जरूरी है क्योंकि मानसून में देरी के कारण इस बार मानसून में विलंब के कारण, महाराष्ट्र, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में खरीफ (गर्मी) के प्याज की फसल के बाजार में आने में एक माह की देर होगी जिससे सितंबर के उत्तरार्ध और अक्तूबर में कीमतों बढ़ने की आशंका है।












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