डिजिटल मीडिया पर पहली बार लागू होंगे नियामक नियम, सरकार संसद में पेश करेगी विधेयक: सूत्र
नई दिल्ली, 15 जुलाई। भारत में पहली बार डिजिटल मीडिया को मीडिया के नए कानून के तहत शामिल किया जा रहा है। हालांकि इससे पहले डिजिटल मीडिया सरकार के नियमन (Government regulation) से बाहर था। लेकिन अब केंद्र सरकार डिजिटल मीडिया को विनियमित करने के लिए सरकार संसद में विधेयक पेश करने जा रही है।

डिजिटल मिडिया को लेकर नियामक नियम से संबंधित विधेयक पारित हो जाता है तो इसके स्वरूप कैसा होगा? इस सवाल का जवाब स्पष्ट नहीं है लेकिन यह कहा जा रहा कि इसका स्वरूप प्रेस और पुस्तक पंजीकरण अधिनियम 1867 की तरह ही होगा। जोकि फिलहाल समाचार पत्रों पर लागू होता है। सूत्रों ने की मानें तो केंद्र डिजिटल मीडिया का विनियमन करने लिए संसद में विधेयक ला सकता है। जो देश में डिजिटल मीडिया को विनियमित करेगा। जिसके बाद डिजिटल मीडिया में नियमों को उल्लंघन पर कार्रवाई हो सकती है।
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डिजिटल मीडिया को मीडिया नियामक कानून में शामिल करने का मतलब इससे अखबारों के बराबर लाने का होगा। जिसके बाद प्रेस और पत्रिका पंजीकरण विधेयक के तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म को पंजीकरण के लिए आवेदन करना होगा। सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट में जिस विधेयक को लाना है उसमें 'किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के माध्यम से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर समाचार प्रसारित' करने से है। ये नियम लागू होने पर डिजिटल समाचार प्रकाशकों को रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करना होगा। इससे लिए कानून लागू के 90 दिन का समय दिया जाएगा।












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