Monkeypox: भारत में मंकीपॉक्स का पहला मामला, केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को जारी किए निर्देश
नई दिल्ली, 15 जुलाई। दुनिया भर में बढ़ रहे मंकीपॉक्स के मामले अब लोगों डराने लगे हैं। भारत में इस बीमारी से जड़ा पहला मामला सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने राज्यों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से दिशा दिशा निर्देश में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को बीमार लोगों, मृत या जीवित जंगली जानवरों व अन्य लोगों के संपर्क में आने से बचना चाहिए।
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मंकीपॉक्स को लेकर केंद्र की गाइडलाइन
- केंद्र सरकार ने मंकीपॉक्स संक्रमण को लेकर जारी गाइडलाइन में कहा है कि देश के हर प्वाइंट ऑफ एंट्री पर मेडिकल स्क्रीनिंग टीम, डॉक्टर, लक्षण वाले और बिना लक्षण के मरीजों की टेस्टिंग, ट्रेसिंग और सर्विलांस टीम का गठन किया जाना चाहिए।
- अस्पताल में मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत इलाज की व्यवस्था होना चहिए।
- सभी संदिग्ध मामलों की टेस्टिंग और स्क्रीनिंग एंट्री प्वाइंट्स और कम्युनिटी में की जाएगी।
- मंकीपॉक्स पेशेंट के लिए आइसोलेशन अल्सर की सुरक्षा, रोगसूचक और सहायक उपचार, लगातार निगरानी और जटिलताओं का समय पर उपचार मृत्यु दर को रोकने के लिए अहम उपाय हैं।
- अस्पतालों की पहचान करना और मंकीपॉक्स के संदिग्ध पुष्ट मामलों के प्रबंधन के लिए चिन्हित किए गए अस्पतालों में पर्याप्त सुविधा और भोजन के लिए खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना।
भारत में मंकीपॉक्स का पहला केस
मंकीपॉक्स का भारत में पहला केस केरल राज्य में मिला है। जहां हाल ही में संयुक्त अरब अमीर से कोल्लम पहुंचे शख्स में इस संक्रमण की पुष्टि हुई है। शरीर पर छाले और तेज बुखार जैसे लक्षण दिखने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मरीज के मंकीपॉक्स संक्रमित होने के पुष्टि के बाद केंद्र सरकरा इसे गंभीरता से लेते हुए सभी राज्यों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं।
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केंद्र ने भेजी NCDC की टीम
मंकीपॉक्स का मामला सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल की टीम को केरल भेज दिया है। वहीं आईसीएमआर के ट्वीट में कहा गया है कि देश अब मंकीपॉक्स से लड़ने की तैयारी कर रहा है। इस बीमारी की पहचान के लिए देशभर में 15 वायरस रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैबोरेटरी बनाई गई हैं। इसके लिए आईसीएमआर-एनआईवी पुणे में ट्रेनिंग भी दी गई है। ये लैब ऐसे लोकेशन पर स्थापित की गई हैं जहां के देश के अधिकतर हिस्सों को कवर किया जा सके।












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