सरकार का हरीश पर करम, लालू-अजीत पर सितम
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) कुछ समय पहले अजीत सिंह से लेकर लालू प्रसाद यादव से सरकारी बंगला खाली करवाने वाली एनडीए सरकार ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत पर नजरें इनायत की। रावत को लुटियन दिल्ली के 9 तीन मूर्ति के बंगले में एक साल और रहने की इजाजत दे दी है। रावत को यह बंगला उस दौर में मिला था जब वे यूपीए सरकार में मंत्री बनाए गए थे।

रावत और राजनाथ में संबंध
जानकारों का कहना है कि दिल्ली के सरकारी बंगले को उनके नाम पर रखने का रावत ने सरकार से आग्रह किया था। उनके पक्ष में गृह म राजनाथ सिंह भी थे। रावत और राजऩाथ सिंह के बीच बहुत मधुर संबंध भी हैं।
क्यों नहीं एक रुख
सूत्रों का कहना है कि यह बात समझ से परे है कि सरकार का सरकारी बंगलों के आवंटन पर एक जैसा रुख क्यों नहीं होता। सरकार एक तरफ तो लालू यादव और अजीत सिंह को बंगला खाली करने के लिए उनके बिजली-पानी की सप्लाई बंद कर सकती है, दूसरी तरफ सरकार उसे रावत को अपने दिल्ली में आवंटित बंगले में बने रहने की हरी झंडी दिखा देती है।
बूटा सिंह को लगा झटका
इस बीच, पूर्व केन्द्रीय मंत्री बूटा सिंह ने अपने लुटियन दिल्ली के बंगले में बने रहने का सरकार से आग्रह किया है। पर सरकार ने उनके आग्रह को ठुकरा दिया है। बूटा सिंह अब कोर्ट की शरण में पहुंच गए हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। कभी देश के गृह मंत्री रहे बूटा सिंह लोधी एस्टेट के बंगले में रहते हैं।












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