मान ली जातीं ये चार बातें तो बच सकती थी मुंडे की जान

अरबिंदो मार्ग पर वाहनों के सुरक्षित संचालन के लिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा सुझाए गए बदलावों पर काम होता तो केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे के साथ हुआ जानलेवा हादसा टल सकता था।
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गत वर्ष सिविक एजेंसियों और यूटीपैक को सौंपी गई रिपोर्ट में दो स्थानों पर यू-रोटरी बनाने, तीन जगहों से ट्रैफिक सिग्नल हटाने, अधचिनी टी-प्वाइंट पर फ्री-टर्न व दो सौ मीटर लंबे नए बाईपास का निर्माण शामिल था। बड़े बदलावों वाली वह रिपोर्ट अभी तक ठंडे बस्ते में है।
ट्रैफिक पुलिस की सर्वे रिपोर्ट में सामने आया था कि अरबिंदो मार्ग पर जाम लगने और हादसों की वजह यहां ट्रैफिक सिग्नल की अधिक संख्या, स्लिप रोड की कमी और फ्री-लेफ्ट टर्न की सुविधा न मिलना है। इसके अलावा पर्याप्त यू-टर्न भी नहीं हैं।
इसके चलते वाहन चालक शॉर्टकट मारने का प्रयास करते हैं। इन्हीं के मद्देनजर ट्रैफिक पुलिस ने अरबिंदो मार्ग पर बदलावों का खाका तैयार किया था। यूटीपैक की बैठक में भी ट्रैफिक पुलिस की इस रिपोर्ट को सराहना मिली थी। करीब डेढ़ वर्ष बाद भी दिल्ली सरकार इस रिपोर्ट को लागू नहीं कर सकी।
दिल्ली की सिविक एजेंसियों और यूटीपैक को सौंपी गई थी रिपोर्ट-
दो स्थानों पर बनाना था यू-टर्न-
चौराहों पर यू-टर्न लेने वाले वाहनों के कारण हादसा न हो और जाम भी न लगे, इसलिए दो स्थानों पर नए यू-टर्न प्रस्तावित किए गए थे। इनमें से एक यू-टर्न दिलीप सिंह मोड़ व आईआईटी फ्लाईओवर के बीच में और दूसरा यू टर्न दिलीप सिंह मोड़ एवं आईओसीएल बिल्डिंग के बीच में बनाया जाना था। इसके बाद तीन स्थानों के ट्रैफिक सिग्नल हटाने की योजना थी। इसका फायदा यह होता कि आईआईटी की तरफ जाने वाले वाहन ट्रैफिक जाम में फंसने से बच जाते। लालबत्ती का उल्लंघन भी कम हो जाता।
अधचिनी टी-प्वाइंट पर फ्री-लेफ्ट टर्न-
अधचिनी टी-प्वाइंट पर शहीद जीत सिंह मार्ग की तरफ जाने के लिए एक फ्री-लेफ्ट टर्न बनाया था। टी-प्वाइंट के साथ में हरियाणा सरकार की खाली जमीन पड़ी है। फिलहाल उस जमीन पर बागवानी (नर्सरी) का काम होता है। यहीं से लेफ्ट टर्न के लिए जमीन लेने की बात कही गई थी।
दो सौ मीटर लंबा नया बाईपास-
अरबिंदो मार्ग पर लाडो सराय कट से अणुवृत मार्ग तक दो सौ मीटर लंबा बाईपास प्रस्तावित था। इससे पीटीएस मालवीय नगर और अणुवृत मार्ग पर वाहनों का दबाव कम होता। छत्तरपुर की तरफ जाने वाले वाहनों को भी राहत मिलती लेकिन इस पर भी अभी काम शुरू नहीं हुआ है।
प्रेस एंक्लेव पर स्लिप रोड बनना था-
ट्रैफिक पुलिस ने पीटीएस मालवीय नगर चौराहे के अधचिनी से प्रेस एंक्लेव की तरफ स्लिप रोड बनाने का सुझाव भी दिया था। हालांकि अभी वहां पर एक स्लिप रोड है। बाद में उस रोड की लंबाई बढ़ाने की योजना थी। इस पर काम होता तो ट्रैफिक का दबाव कम होता।












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