सुख में ही नहीं, दुख में भी मुंडे के साथ दिखा पूरा राजनैतिक कुनबा
नई दिल्ली। गोपीनाथ मुंडे को भाजपा के दिवंगत नेता वसंतराव भागवत लेकर आए थे जिन्होंने प्रमोद महाजन सहित कई अन्य नेताओं को राजनीति में पारंगत बनाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा नेतृत्व के साथ मिलकर मुंडे को महाराष्ट्र में पार्टी के प्रचार अभियान का नेतृत्व करने के लिए चुना था जहां पर चार महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं।
12 दिसम्बर 1949 को जन्मे और बीड जिले के नाथरा गांव के रहने वाले मुंडे 1980-1985, 1990-2009 के बीच पांच बार महाराष्ट्र विधानसभा के विधायक रहे। उनका जन्म वंजारी (जाति) के मध्यम वर्गीय किसान परिवार में हुआ था तथा उनके पिता पांडुरंग मुंडे और मां लिम्बाबाई मुंडे थीं।
मुंडे के परिवार में पत्नी और तीन पुत्रियां पंकजा, प्रीतम और यशश्री हैं। पंकजा पलावे बीड जिले में परली विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करती हैं। महाराष्ट्र में अपने दिवंगत साले प्रमोद महाजन के साथ लगभग दो दशकों तक पार्टी के प्रमुख नेता रहे मुंडे राज्य में सामाजिक इंजीनियरिंग फार्मूले के सूत्रधार थे। जिसके तहत विपक्षी ‘महायुती' गठबंधन हुआ जिसे हाल में सम्पन्न लोकसभा चुनाव में राज्य में 48 में से 42 सीटें मिली।
आज अंतिम यात्रा में उनके दर्शन करें-

कहां तुम चले गए
गोपीनाथ मुंडे के पार्थिव शरीर पर विलाप करते परिजन। उनके अकस्मात निधन से देश भर में शोक की लहर है।

यादों में जिंदा रहेंगे आप
उन्हें राजनीति में भाजपा के दिवंगत नेता वसंतराव भागवत लेकर आए थे जिन्होंने प्रमोद महाजन सहित कई अन्य नेताओं को राजनीति में पारंगत बनाया। आज वे हमारे बीच नहीं हैं। बस यादें शेष हैं।

मोदी भी हुए नम
उनकी अंतिम विदाई पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भाव-भीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्यारी बिटिया की आंखें नम
बेटी पंकजा को सभी ने बंधाया ढांढस, पर रह-रह कर निकल पड़ते थे आंसू। आखिर पापा की प्यारी बिटिया जो है।

सभी ने बंधाया ढांढस
अंतिम विदाई पर पूरा राजनैतिक कुनबा उनके दर्शन को उमड़ा। सभी ने परिवार का दुख बांटा व ढांढस बंधाया।

मोहन भागवत ने जताया दुख
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी इस दिवंगत आरएसएस सिपाही की अंतिम यात्रा में दुख प्रकट किया।












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