TikTok को टक्कर देने वाले मित्रों ऐप को गूगल ने प्ले स्टोर से हटाया, फोन में है तो तुरंत कर दें डिलीट

नई दिल्ली। भारत में फेमस वीडियो मेकिंग सोशल मीडिया ऐप टिक टॉक को टक्कर देने के लिए सुर्खियों में आया मित्रों ऐप अब गूगल प्ले स्टोर से हटा दिया गया है। कई लोगों में यह धारणा है कि यह एक भारतीय ऐप है, तो जानकारी के लिए बता दें कि मित्रों ऐप को एक पाकिस्तानी डेवलपर द्वारा तैयार किया गया था। गूगल प्ले स्टोर से ऐप को हटाए जाने के पीछे नियमों का उल्लंघन बताया जा रहा है।

गूगल प्ले स्टोर से हटाया गया ऐप

गूगल प्ले स्टोर से हटाया गया ऐप

प्राप्त जानकारी के मुताबिक ऐप को गूगल ने खुद ही अपने प्ले स्टोर से हटाया है। टिक टॉक के प्रतिद्वंद्वियों में से एक मित्रों ऐप ने गूगल के स्पैम और न्यूनतम कार्यक्षमता नीति का उल्लंघन किया था। जिसके चलते अब उसे ऐप लिस्ट से हटा दिया गया है। जैसा कि गूगल की गाइडलाइन में स्पष्ट बताया गया है कि कोई भी ऐप किसी दूसरे ऐप की नकल नहीं कर सकता। बिना कोई मूल परिवर्तन किए या दूसरे के वैल्यू को कॉपी करना गूगल नियमों के उल्लंघन में आता है।

क्या कहती है गूगल की गाइडलाइन

क्या कहती है गूगल की गाइडलाइन

गूगल ने कहा, हम उन ऐप्स की अनुमति नहीं देते हैं जो गूगल प्ले स्टोर पर पर पहले से ही मौजूद ऐप्लिकेशन को कॉपी करते हैं। गाइडलाइन में कहा गया है कि ऐप को किसी अन्य ऐप से अलग अद्वितीय सामग्री या सेवाओं के निर्माण के माध्यम से उपयोगकर्ताओं को मूल्य प्रदान करना चाहिए। इसके अलावा, ऐप्लिकेशन को बुनियादी कार्यक्षमता और एक सम्मानजनक उपयोगकर्ता अनुभव प्रदान करना चाहिए।

2600 में बिका ऐप का सोर्स कोड

2600 में बिका ऐप का सोर्स कोड

Qboxus नामक इस कंपनी के फाउंडर और चीफ एक्जिक्यूटिव इरफान शेख हैं। शेख का कहना है कि उनकी कंपनी ने इस ऐप का सोर्स कोड मित्रों के प्रमोटर को महज 34 डॉलर यानी करीब 2,600 रुपये में बेचा है। उन्होंने कहा, 'डेवलेपर ने जो किया है वो चिंताजनक है। उसने स्क्रिप्ट के लिए भुगतान किया और इस्तेमाल किया, ये सही है। लेकिन परेशानी ये है कि उसने इसे भारतीय द्वारा बनाया गया ऐप बताया। ये सच नहीं है। विशेष तौर पर जब उसने इसमें कोई बदलाव ही नहीं किया है।'

ऐप को केवल रीब्रैंड किया गया

ऐप को केवल रीब्रैंड किया गया

शेख ने ये भी बताया कि टिकटिक (पाकिस्तानी ऐप) के खरीदार ने मित्रों ऐप को केवल रीब्रैंड किया है। जो सीधे तौर पर इसकी नकल है। शेख ने कहा कि उनकी कंपनी केवल सोर्स कोड बेचती है, जिसके बाद खरीदार इन्हें कस्टमाइड करते हैं। इस कंपनी का मकसद केवल मशहूर ऐप्स के क्लोन बनाना और उन्हें कम कीमत पर बेचना है। साथ ही कंपनी छोटे स्टार्टअप्स की भी सहायता करती है, जिनके पास ज्यादा बजट नहीं होता है। अभी तक ये कंपनी टिकटिक ऐप की 277 कॉपी बेच चुकी है।

50 लाख से बार किया गया था डाउनलोड

50 लाख से बार किया गया था डाउनलोड

आपको ये बात जानकर हैरानी होगी कि गूगल प्ले स्टोर पर इस की रेटिंग्स 4.8 थी और इसे 50 लाख से ज्यादा लोग डाउनलोड किया जा चुका था। इससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात ये है कि मित्रों ऐप इंडिया का है ही नहीं। यानी किसी आईआईटी के छात्र ने इसे नहीं बनाया है, जिसका काफी समय से दावा किया जा रहा था। न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, मित्रों ऐप का पूरा सोर्स कोड, जिसके अंदर फीचर्स और यूजर इंटरफेस मौजूद है, उसे एक पाकिस्तानी सॉफ्टवेयर कंपनी से खरीदा गया है।

यह भी पढ़ें: मित्रों एप को देसी मानने वाले सावधान, मेड इन इंडिया नहीं बल्कि पाकिस्तानी है 'Mitron App'

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