Goa Nightclub Fire: सिलिंडर और शॉर्ट सर्किट से नहीं हादसे की असली वजह, CM सावंत ने किया बड़ा खुलासा
Goa Nightclub Fire: गोवा के पर्यटन क्षेत्र अर्पोरा में शनिवार देर रात एक दिल दहला देने वाली दुर्घटना ने पूरे देश को सदमे में डाल दिया। एक लोकप्रिय नाइट क्लब में लगी भीषण आग में 25 लोगों की मौत हो गई, जबकि कम से कम छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
सरकार और राहत एजेंसियों ने इसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक बताया है। हालांकि, पहली नजर में इसे सिलेंडर फटने के कराण आग लगी ऐसा माना जा रहा था पर अब राज्य के सीएम प्रमोद सावंत ने इस घटना की पूरी जानकारी दी है।

कैसे लगी आग?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि क्लब के अंदर इलेक्ट्रिक फायरक्रैकर्स का इस्तेमाल किया जा रहा था। जैसे ही प्रदर्शन शुरू हुआ, करीब रात 11:45 बजे आग तेज़ी से फैलनी शुरू हो गई। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने पुष्टि की कि क्लब के पास फायर डिपार्टमेंट का NOC नहीं था और सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन किया गया था।
संकरी गलियां और छोटा एग्ज़िट बना मौत का जाल
हादसे के वक्त क्लब के अंदर 100 से ज्यादा लोग मौजूद थे। आग लगते ही चारों ओर अफरा-तफरी मच गई। लेकिन क्लब का मुख्य दरवाज़ा इतना छोटा था कि लोग बाहर नहीं निकल पाएं और ना ही फायर ब्रिग्रेड अंदर जा पाया। दरअसल, बाहर निकलने का रास्ता बेहद संकरी गली से होकर जाता था, और क्लब का ढांचा अस्थायी पाम लीफ शीट्स से बना था, इन वजहों से लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया।
दमकल की गाड़ियाँ भी पतली गलियों में प्रवेश नहीं कर सकीं, जिससे आग और तेजी से फैल गई। अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश मौतें दम घुटने से हुईं, क्योंकि कई लोग ग्राउंड फ्लोर और किचन एरिया में फंस गए थे।
मृतकों में कर्मचारी, पर्यटक और विदेशी नागरिक भी शामिल
कुल 25 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 20 नाइट क्लब कर्मचारी, 5 पर्यटक और दिल्ली के 4 लोग शामिल हैं। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही प्रशासन की ओर से सभी शवों को उनके गृह राज्यों तक भेजने की व्यवस्था भी की जा रही है।
चार मैनेजर गिरफ्तार, मालिक फरार; FIR दर्ज
गोवा पुलिस ने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। राजीव मोडक, विवेक सिंह, राजीव सिंघानिया, रियान्शु ठाकुर को गिरफ्तार किया गया है। क्लब के मालिक भाइयों गौरव और सौरभ लूथरा पर भी FIR दर्ज की गई है। दोनों फिलहाल फरार हैं और पुलिस जल्द ही उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर सकती है।
हैरानी की बात यह है कि स्थानीय प्रशासन के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को भी सस्पेंड किया गया है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने बिना दस्तावेज़ और अनुमति के क्लब को संचालन की इजाज़त दे रखी थी। कई चश्मदीदों ने बताया कि आग सबसे पहले पहली मंज़िल पर मशालें और इलेक्ट्रिक फायरक्रैकर्स चलने के दौरान लगी। एक विदेशी पर्यटक ने कहा आग फैलते ही भगदड़ मच गई। लोग नीचे की तरफ भागे, लेकिन वहां वह फंसते चले गए। किसी के लिए निकलना मुश्किल था।"
CM सावंत का बयान: "सभी नाइट क्लबों का ऑडिट होगा"
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने घटनास्थल का दौरा कर हालात की समीक्षा की और कहा क्लब ने NOC नहीं ली थी। सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हुआ। अब सरकार ऐसे सभी क्लबों, पब और बार का ऑडिट कराएगी जो बिना अनुमति चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार कड़े कदम उठाएगी।












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