Goa: शिरगांव में श्री लैराई 'जात्रा' के दौरान मची भगदड़, 6 श्रद्धालुओं की मौत, कई लोग गंभीर रूप से घायल
Goa News: गोवा के शिरगांव में शुक्रवार रात आयोजित श्री लैराई देवी की पारंपरिक 'जात्रा' के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। इस हादसे में 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब हजारों की संख्या में श्रद्धालु धार्मिक आयोजन में भाग लेने के लिए एकत्र हुए थे।
भीड़ अधिक होने के कारण अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। घायलों को तुरंत प्राथमिक इलाज के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज (GMC) और मापुसा स्थित नॉर्थ गोवा डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि कुछ घायलों की हालत गंभीर है, जिनका इलाज डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है।

घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने तत्परता दिखाई और नॉर्थ गोवा डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल व बिचोलिम अस्पताल का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने घायलों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराई जाएं।
सीएम प्रमोद सावंत ने एक्स पर लिखा कि आज सुबह शिरगांव के लैराई जात्रा में हुई दुखद भगदड़ से बहुत दुखी हूं। मैं घायलों से मिलने अस्पताल गया और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। मैं व्यक्तिगत रूप से स्थिति की निगरानी कर रहा हूं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हर आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने मुझसे बात की और स्थिति का विस्तृत जायजा लिया, इस कठिन समय में अपना पूरा समर्थन देने की पेशकश की। वहीं, गोवा कांग्रेस ने शिरगांव की श्री लैराई देवी जात्रा में हुई भगदड़ पर दुख जताया है। पार्टी ने लिखा कि, हम इस दुखद घटना की निंदा करते हैं और अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं। सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
लैराई 'जात्रा' क्या है?
गोवा की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान में एक विशेष स्थान रखने वाली लैराई देवी की पूजा विशेष रूप से दक्षिण गोवा के शिरोडा गांव में की जाती है। लैराई देवी को समर्पित मंदिर क्षेत्रीय श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र है, जहां हर साल बड़ी संख्या में भक्त दर्शन और आशीर्वाद के लिए पहुंचते हैं।
लैराई देवी के सम्मान में आयोजित 'लैराई देवी जात्रा', जिसे शिरगांव जात्रा के नाम से भी जाना जाता है, गोवा के बिचोलिम तालुका के शिरगांव गांव में चैत्र मास (मार्च-अप्रैल) में आयोजित होती है। यह उत्सव राज्य का एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं।
इस जात्रा की सबसे अनोखी और आकर्षक परंपरा है - अग्नि पर चलने का अनुष्ठान, जिसे धोंड परंपरा कहा जाता है। इस अनुष्ठान में 'धोंड' कहलाने वाले श्रद्धालु नंगे पांव जलती हुई अंगारों पर चलते हैं। यह अत्यंत कठिन और साहसिक क्रियाकलाप उनकी गहरी आस्था, मानसिक एकाग्रता और आत्मिक शुद्धता का प्रतीक माना जाता है।
इस अग्नि-व्रत से पहले श्रद्धालु कई दिनों तक उपवास, ध्यान, प्रार्थना और संयम का पालन करते हैं। यह कठिन तपस्या उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करती है, जिससे वे अग्नि पर चलने जैसी कठिन परीक्षा को सफलतापूर्वक पूर्ण कर सकें।
लैराई देवी की यह जात्रा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि यह गोवा की परंपराओं, लोक आस्था और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप से प्रस्तुत करती है। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक इस अद्वितीय आयोजन के साक्षी बनने शिरगांव पहुंचते हैं।












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