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मूर्तियां बनाकर पेट पालने को मजबूर है फेडरेशन कप में जीत दिलाने वाला ये क्रिकेटर

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    पणजी। खेलों में राज्य या देश का प्रतिनिधित्व कर कई खिताब जीतने वाले खिलाड़ियों की हालत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्हें नौकरी पाने के लिए धक्के खाने पड़ते हैं और उसके बाद थक-हारकर जीविका चलाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। इस खिलाड़ी ने भी अपने राज्य के लिए कई पदक जीते, टेनिस बॉल क्रिकेट में इस खिलाड़ी ने गोवा का 8 बार प्रतिनिधित्व किया। लेकिन आज चंदन गोदरेकर अपनी जीविका चलाने के लिए मूर्तियां बनाने को मजबूर है।

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    नौकरी की तलाश में भटक रहा खिलाड़ी

    नौकरी की तलाश में भटक रहा खिलाड़ी

    चंदन गोदरेकर ने दर्जनों बार सरकारी नौकरी पाने के लिए कोशिश की लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी और खाली हाथ ही लौटना पड़ा। लगातार सात सालों से चंदन सरकारी नौकरी पाने की कोशिश कर रहे हैं। वो अपने साथ उन तमाम प्रमाण पत्रों को लेकर दर-दर भटक रहे हैं जो उन्हें खेलने के दौरान मिले थे लेकिन ये सबकुछ उनको नौकरी दिलाने के लिए नाकाफी साबित हो रहे हैं।

    गोवा का 8 बार कर चुका है प्रतिनिधित्व

    गोवा का 8 बार कर चुका है प्रतिनिधित्व

    हर जगह से निराशा हाथ लगने के बाद चंदन ने अपने दोस्त प्रवीन हलंकर के साथ मिलकर मूर्ति बना अपने लिए दो वक्त की रोटी का जुगाड़ किया। गणपति उत्सव के दौरान मूर्ति बना रहे चंदन ने बताया कि वो हर तरह की मूर्तियां बनाते हैं, आधे फीट से लेकर तीन फीट तक की मूर्तियां बनाकर वो अपने लिए रोटी का जगुाड़ कर लेते हैं। कड़ी मेहनत के दम पर चंदन ने अपने काम को बढ़ा लिया है और आज वो खुश है इस बात से कि अब कम से कम उनको सरकारी नौकरी के लिए दफ्तरों के चक्कर तो नहीं लगाने पड़ते हैं।

    खेलते रहने का किया है फैसला

    खेलते रहने का किया है फैसला

    मिट्टी की बनी ये मूर्तियां बेहद खूबसूरत हैं और पिछले साल की तुलना में चंदन और उनके दोस्त ने 250 से अधिक मूर्तियां बेची हैं। पिछले साल उनके यहां से 100 मूर्तियां लोग लेकर गए थे। वो आज अपने नए काम से खुश तो हैं लेकिन कहीं न कहीं उनके दिल में इस बात की तकलीफ है कि उन्हें जिस मुकाम पर होना चाहिए था, वो न पा सके। वो कहते हैं कि स्पोर्ट्स कोटा के जरिए और भी लोग लाभ उठा सकते हैं और सरकार को इसकी व्यवस्था करनी चाहिए। चंदन साल 2013 में फेडरेशन कप जीतने वाली टीम का हिस्सा भी रहे। चंदन का कहना है कि वो कभी हार नहीं मानने वाले हैं और खेलना भी जारी रखेंगे।

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    English summary
    goa: cricketer turns idol-maker, after he gets no govt jobs for 7 years

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