आर्टिकल 370 पर गुलाम नबी आजाद ने मोदी सरकार से की ये बड़ी मांग

कांग्रेस के दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद ने आर्टिकल 370 को लेकर मोदी सरकार से की ये बड़ी मांग

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के फैसले के बाद देश की सियासत लगातार गरमाई हुई है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर जहां मोदी सरकार पर हमला बोल रहा है, वहीं सरकार का तर्क है कि यह फैसला जम्मू कश्मीर के लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए ही लिया गया है। विपक्ष का कहना है कि केंद्र सरकार ने संवैधानिक मूल्यों का हनन करते हुए जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने का फैसला लिया है। सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी ट्वीट कर मोदी सरकार पर हमला बोला। ममता बनर्जी ने कहा कि जम्मू कश्मीर में मानवाधिकारों का हनन किया गया है। वहीं, अब कांग्रेस के दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद ने आर्टिकल 370 को लेकर मोदी सरकार से एक बड़ी मांग की है।

फैसला वापस ले सरकार क्योंकि...

फैसला वापस ले सरकार क्योंकि...

कांग्रेस नेता गुलाब नबी आजाद ने सोमवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, 'मैं सरकार से मांग करता हूं कि उनके द्वारा लिया गया जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने का अनुचित निर्णय, जो गलत साबित भी हुआ है क्योंकि राज्य में कोई भी व्यक्ति इस फैसले से खुश नहीं है, ऐसे निर्णय को वापस लिया जाना चाहिए। कश्मीर में राजनीतिक नेताओं को रिहा किया जाना चाहिए और सामान्य स्थिति बहाल करनी चाहिए।' आपको बता दें कि कांग्रेस लगातार जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के फैसले का विरोध कर रही है।

ममता ने ट्वीट कर बोला हमला

ममता ने ट्वीट कर बोला हमला

इससे पहले पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के मुद्दे पर ट्वीट करते हुए कहा, 'आज विश्व मानवतावादी दिवस है। कश्मीर में मानवाधिकारों का पूरी तरह से उल्लंघन हुआ है। आइए हम कश्मीर में मानव अधिकारों और शांति के लिए प्रार्थना करें। मानवाधिकार एक ऐसा विषय है जो मेरे दिल के बेहद करीब है। साल 1995 में लॉक-अप में हुई मौतों के खिलाफ मानवाधिकारों का उल्लंघन होने से बचाने के लिए मैं 21 दिनों तक सड़कों पर रही थी।'

 प्रतिबंधों में ढील देना शुरू

प्रतिबंधों में ढील देना शुरू

आपको बता दें कि ममता बनर्जी ने इससे पहले भी जम्मू कश्मीर को लेकर उठाए कदम पर मोदी सरकार की आलोचना की थी। ममता बनर्जी ने कहा था कि जम्मू कश्मीर से संविधान की धारा 370 को खत्म करने की प्रक्रिया गलत है। इस बीच, जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने धीरे-धीरे राज्य में लगे प्रतिबंधों में ढील देना शुरू कर दिया है। जम्मू कश्मीर से धारा 370 को हटाए जाने के बाद सुरक्षा कारणों के मद्देनर बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। जम्मू कश्मीर को लेकर लिए गए फैसले के बाद राज्य में मोबाइल और इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई थी।

'लंबे समय से अपेक्षित एक ऐतिहासिक गलती को ठीक किया'

'लंबे समय से अपेक्षित एक ऐतिहासिक गलती को ठीक किया'

गौरतलब है कि बीते 5 अगस्त को गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने का प्रस्ताव पेश किया था। राज्यसभा और लोकसभा में यह बिल पास होने के बाद राष्ट्रपति ने भी इस बिल को मंजूरी दे दी, जिसके बाद जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटा दी गई। इस बिल के पास होने के बाद अमित शाह ने ट्वीट करते हुए कहा था, 'आज, मोदी सरकार ने लंबे समय से अपेक्षित एक ऐतिहासिक गलती को ठीक कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को हमारी मातृभूमि की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने के लिए उनकी अटूट प्रतिबद्धता पर बधाई। यह ऐतिहासिक निर्णय जम्मू कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र में शांति और विकास की एक नई सुबह की शुरूआत करेगा। कश्मीर हमेशा से भारत का अभिन्न अंग रहा है, लेकिन यह निर्णय यह सुनिश्चित करेगा कि अब जम्मू-कश्मीर में दो निशान, दो संविधान नहीं रहेंगे। यह निर्णय उन सभी देशभक्तों के लिए एक श्रद्धांजलि है, जिन्होंने एक अखंड भारत के लिए अपना सर्वस्व बलिदान किया।'

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