भारत के विदेश मंत्री जयशंकर के फैन हुए जर्मनी के राजदूत, ऑपरेशन सिंदूर पर की वाहवाही
Germany Ambassador Dr Ackermann: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निंदा हो रही है। भारत में जर्मनी के राजदूत डॉ. फिलिप एकरमैन ने इस संदर्भ में भारत के रुख की सराहना की है और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की कूटनीतिक प्रतिक्रिया को प्रभावशाली बताया है।
डॉ. एकरमैन ने एएनआई से बात करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि डॉ. जयशंकर एक प्रखर वक्ता हैं, वो विदेश नीति को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करते हैं।

भारत के साथ खड़ा है जर्मनी, डॉ. एकरमैन
डॉ. एकरमैन ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि, डॉ. जयशंकर ने दुनिया भर में भारत के दृष्टिकोण को स्पष्टता और संवेदनशीलता के साथ रखा है, जो अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री जयशंकर ने हर मंच पर पहलगाम में हुए हमले की भयावहता और निंदा को स्पष्ट रूप से व्यक्त किया। डॉ. एकरमैन ने हमले की तीव्र निंदा करते हुए इसे स्पष्ट रूप से आतंक की श्रेणी में रखा और कहा कि "अगर यह आतंकवादी हमला नहीं है, तो आतंक का असली मतलब क्या है?"
जर्मन राजदूत ने कहा कि इस हमले से न केवल भारत, बल्कि जर्मनी भी स्तब्ध और आहत है। जर्मनी ने इस घटना पर भारत सरकार और विशेष रूप से विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर के साथ अपनी संवेदनाएं साझा की हैं। उन्होंने कहा कि जर्मनी इस दुख की घड़ी में भारत के साथ खड़ा है। इस प्रकार के हमले निर्दोष नागरिकों की जान लेने के साथ-साथ मानवता पर भी गहरा आघात करते हैं।
आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्र्रीय मंच पर भारत
डॉ. एकरमैन के इस बयान से स्पष्ट होता है कि आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में भारत को अंतरराष्ट्रीय समुदाय का समर्थन मिल रहा है। जर्मनी जैसे प्रमुख देश भी विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर द्वारा वैश्विक मंचों पर भारत का पक्ष स्पष्टता और मजबूती से रखने की सराहना कर रहे हैं।
पहलगाम हमला उस समय हुआ, जब स्थानीय नागरिक और पर्यटक सामान्य दिनचर्या में व्यस्त थे। इस क्रूर हमले ने एक बार फिर कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी गतिविधियों और उनकी वैश्विक निंदा की आवश्यकता को उजागर किया है। भारत सरकार द्वारा इस हमले के बाद आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
इस मुद्दे को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीरता से उठाया गया है, और भारत की सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। डॉ. एकरमैन का बयान दर्शाता है कि भारत की आवाज को वैश्विक स्तर पर सुना जा रहा है, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़ा है।












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