अलविदा जनरल रावत: दिल्ली कैंट में हुआ अंतिम संस्कार, भारतीय सेना ने दी 17 तोपों की सलामी
नई दिल्ली, 10 दिसंबर: सीडीएस बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत पंचतत्व में विलीन हो गई हैं। शुक्रवार दोपहर दोनों का पार्थिव शरीर दिल्ली कैंट लाया गया था, वहां रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, सैन्य कमांडरों समेत कई विदेशी अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद एक ही बेदी पर दोनों का अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान भारतीय सेना ने भी अपने सीडीएस को 17 तोपों की सलामी दी।

जनरल रावत और उनकी पत्नी का पार्थिव शरीर शुक्रवार को सबसे पहले बेस हॉस्पिटल से उनके आवास लाया गया। वहां पर सीजेआई, रक्षामंत्री, तीनों सेनाओं के प्रमुख, गृहमंत्री अमित शाह, राहुल गांधी आदि बड़ी हस्तियों ने दोनों को श्रद्धांजलि दी। फिर 2 बजे के करीब दोनों के शव को आवास से दिल्ली कैंट के लिए रवाना किया गया, जहां रास्ते में बड़ी संख्या में लोग तिरंगा लेकर खड़े थे। इसके बाद कैंट के बरार स्क्वायर में कई विदेशी आधिकारियों, राजदूतों, सैन्य कमांडरों ने जनरल रावत को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद दोनों बेटियों कृतिका और तारिणी ने मिलकर माता-पिता का अंतिम संस्कार किया। जनरल रावत की अंतिम यात्रा के वक्त भारतीय सेना के 800 से ज्यादा जवान वहां पर मौजूद थे।
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पहले हुआ ब्रिगेडियर लिड्डर का अंतिम संस्कार
सीडीएस के साथ हेलीकॉप्टर में ब्रिगेडियर एल. एस. लिड्डर भी सवार थे, जिनका क्रैश के तुरंत बाद ही निधन हो गया था। उनके पार्थिव शरीर को भी शुक्रवार को बरार स्क्वायर श्मशान घाट लाया गया। वहां पर बेटी, पत्नी और परिजनों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पीएम ने दी थी श्रद्धांजलि
गुरुवार देर शाम जनरल रावत, उनकी पत्नी, ब्रिगेडियर लिड्डर का पार्थिव शरीर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा था। वहां पर टेक्नीकल एरिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी टीम के साथ सभी को श्रद्धांजलि दी, जबकि उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी और दिल्ली सीएम केजरीवाल समेत कई नेताओं ने शुक्रवार सुबह सीडीएस के आवास पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।












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