गौरी लंकेश हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने HC के फैसले को पलटा, आरोपी के खिलाफ चलेगा संगठित अपराध का केस
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर: पत्रकार गौरी लंकेश हत्याकांड मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान खंडपीठ ने कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया। साथ ही मामले में आरोपी के खिलाफ संगठित अपराध के तहत मुकदमा चलाने का आदेश दिया। इस आदेश को देने वाली खंडपीठ में जस्टिस ए एम खानविलकर, दिनेश माहेश्वरी और सी टी रविकुमार शामिल थे।

दरअसल 5 सितंबर 2017 की रात को बेंगलुरु के राजराजेश्वरी नगर में गौरी लंकेश की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शुरू में आरोपी मोहन नायक के खिलाफ कर्नाटक संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (KCOCA) के तहत मामला चलाया जा रहा था, लेकिन अप्रैल में हाईकोर्ट ने उसे हटा दिया। इसके बाद गौरी लंकेश की बहन कविता लंकेश ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कविता ने अपनी याचिका में कहा कि गौरी की हत्या सहित संगठित अपराध के कई मामलों के लिए जिम्मेदार एक 'सिंडिकेट' का हिस्सा है। नायक अमोल काले और राजेश बंगेरा का करीबी सहयोगी भी है, जो इस मामले में मुख्य आरोपी है। ऐसे में इस मामले को संगठित अपराध माना जाए।
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लंकेश के वकील ने आरोपी की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि आरोपी ने एक्यूप्रेशर क्लीनिक चलाने की आड़ में कथित तौर पर किराए पर एक घर लिया था, लेकिन ये सिंडिकेट के सदस्यों को समायोजित करने के लिए था। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने 21 सिंतबर को फैसला सुरक्षित रख लिया। गुरुवार को कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए संगठित अपराध के तहत केस चलाने के आदेश दिए।












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