जोहान्सबर्ग में Ganga Maiya गीत से PM मोदी का स्वागत, इस समाज के संघर्ष को याद कर भावुक हुए प्रधानमंत्री,VIDEO
G20 Summit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग (Johannesburg) पहुंच गए हैं। यहां उनका स्वागत भारतीय समुदाय के साथ एक अनोखे और भावुक अंदाज में किया गया। स्वागत में दक्षिण अफ्रीका के गिरमिटिया गीत 'गंगा मैया' (Ganga Maiya) की प्रस्तुति दी गई।
पीएम मोदी ने इस सांस्कृतिक झलक का वीडियो अपने 'एक्स' (X) हैंडल पर शेयर किया और इस अनुभव को 'अत्यंत भावविभोर कर देने वाला' बताया।

'तमिल में प्रस्तुति ने अनुभव को बनाया अनूठा'
प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से तमिल में दिए गए इस गीत की प्रस्तुति की सराहना की। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, 'जोहान्सबर्ग में दक्षिण अफ्रीका के गिरमिटिया गीत 'गंगा मैया' की प्रस्तुति भावविभोर कर गई। इस गीत को तमिल में सुनना अपने आप में एक अनूठा अनुभव रहा!'
उन्होंने गिरमिटिया समुदाय की भावना की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस गीत में उन लोगों की आशा और दृढ़ संकल्प की भावना समाहित है, जो कई दशक पहले यहां आए थे। उन्होंने कहा कि कठिन चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, इन लोगों ने 'गीतों और भजनों के माध्यम से भारत को अपने हृदय में बसा कर रखा है। अपनी जड़ों से इस सांस्कृतिक जुड़ाव को जीवंत देखना अभिभूत कर देने वाला है।'
भव्य स्वागत में उमड़ा भारतीय डायस्पोरा
सांस्कृतिक दल के कलाकारों ने गीत की समाप्ति के बाद प्रधानमंत्री को झुककर नमन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भारतीय डायस्पोरा के सदस्य प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए उत्साहपूर्वक एकत्र हुए थे।
दक्षिण अफ्रीकी एक्ट्रेस और निर्माता तरीना पटेल ने एएनआई को बताया कि वह प्रधानमंत्री के आगमन से बेहद रोमांचित हैं। उन्होंने कहा, 'यह मेरा लंबे समय से सपना था। मैं उनका 2023 का दौरा चूक गई थी, लेकिन मैं बहुत उत्साहित हूं कि वह यहां हैं। मैं एक गर्वित गुजराती हूं।'
जी-20 में ग्लोबल साउथ पर रहेगा फोकस
प्रधानमंत्री मोदी 21 से 23 नवंबर तक दक्षिण अफ्रीका में रहेंगे। पहली बार अफ्रीकी महाद्वीप पर जी-20 शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस यात्रा में भारत की प्राथमिकताओं के साथ-साथ 'ग्लोबल साउथ' (Global South) के हितों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह प्रधानमंत्री मोदी की दक्षिण अफ्रीका की चौथी आधिकारिक यात्रा है। इससे पहले वे 2016 में द्विपक्षीय दौरे पर और 2018 व 2023 में ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में भाग लेने यहाँ आ चुके हैं।
जी-20 (G20): यह क्या है?
जी-20 का पूरा नाम है 'ग्रुप ऑफ ट्वेंटी' (Group of Twenty) है। आप इसे दुनिया के सबसे ताकतवर 20 देशों का क्लब मान सकते हैं। इस क्लब में वो देश शामिल हैं जो दुनिया की ज़्यादातर कमाई (लगभग 85%) करते हैं और जहां दुनिया की लगभग दो-तिहाई आबादी रहती है।
जी-20 का मकसद क्या है? (What is the Goal?)
जी-20 का मुख्य काम है दुनिया को बेहतर बनाना। यह क्लब तीन बड़े काम करने के लिए बना है:
1. पैसों से जुड़ी समस्याएं हल करना:
- अगर किसी देश में पैसों का संकट आता है या मंदी आती है, तो ये 20 देश मिलकर सलाह देते हैं और उस समस्या को हल करने में मदद करते हैं।
- जैसे, बैंकों को कैसे चलाना है या एक देश दूसरे देश को कैसे पैसा देगा, इस पर बातचीत करना।
2. सबको साथ लेकर चलना:
- इसका मकसद है कि दुनिया के सभी देश एक साथ, अच्छे से आगे बढ़ें।
- अमीर और गरीब देशों के बीच की दूरी कम हो। स्वास्थ्य, गरीबी, और अच्छी पढ़ाई जैसी बातों पर ध्यान देना।
3. बड़ी समस्याओं से लड़ना:
- आज दुनिया की सबसे बड़ी समस्याएं कौन सी हैं? जैसे जलवायु परिवर्तन (गर्मी बढ़ना), प्रदूषण, और सबको बिजली-पानी मिलना।
- जी-20 इन बड़ी समस्याओं पर मिलकर काम करने और समाधान निकालने की कोशिश करता है।












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