मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट पर चली कैंची, PM-किसान के फंड में कटौती
नई दिल्ली। पिछले साल लोकसभा चुनाव से पहले छोटे एवं सीमांत किसानों की सहायता के लिये लायी गयी 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना' के अंतर्गत लाभार्थियों की संख्या लगातार घटती जा रही है। वहीं दूसरी ओर ऐसी खबरें आ रही हैं कि, केंद्र सरकार अगले वित्त वर्ष के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-किसान) का बजट 20 पर्सेंट कम कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, 2019-20 के बजट में इस योजना के लिए 75,000 करोड़ रुपये का आवंटन तय किया गया था। लेकिन कृषि मंत्रालय ने 2020-21 के लिए 60,000 करोड़ रुपये की मांग की है।

फंड कटौती के बताए ये कारण
जारी की हई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि, वित्त वर्ष 21 में फंड कटौती के पीछे कारण लाभार्थियों की पहचान में लगातार देरी की जाने और अनेकों किसानों का आधार वेरिफिकेशन नहीं कराया जाना बताया गया है। सूत्रों के मुताबिक पिछले साल जारी की गई 75,000 करोड़ रुपये की राशि में से अब तक 44,000 करोड़ रुपये ही खर्च किए जा सके हैं। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि संभावित लाभार्थियों की संख्या को ध्यान में रखकर अगले वित्त वर्ष के लिए बजट आवंटित किया जाएगा।

इस योजना के तहत मिलती है 6000 रुपए की धनराशि
सरकार ने 2019-20 के अंतरिम बजट में पीएम किसान सम्मान निधि योजना की शुरूआत की थी। एक दिसंबर 2018 से लागू इस योजना के तहत छोटे एवं सीमांत किसानों की सहायता के लिये 6,000 रुपये सालाना उनके खाते में डाले जाते हैं। यह राशि 2,000-2,000 रुपये के रूप में तीन किस्तों में दी जाती है। जहां 2018-19 के चार महीनों के लिये इस योजना तहत 20,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।

लगातार घट रही है लाभार्थियों की संख्या
पीएम किसान वेबसाइट के अनुसार पश्चिम बंगाल इस योजना में शामिल नहीं है और वहां के एक भी किसान को इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा। वहीं, बिहार, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में यह संख्या लगातार कम हो रही है। बिहार में चिन्हित 54.58 लाख किसानों में से जहां पहली किस्त 52.19 लाख किसानों को मिली थी, वह तीसरी किस्त में कम होकर 31.41 लाख रह गयी। इसी प्रकार, उत्तर प्रदेश में 2.01 करोड़ लाभार्थियों को चिन्हित किया गया था। वहां पहली किस्त 1.85 करोड़ किसानों को दी गयी जबकि तीसरी किस्त में यह संख्या कम होकर 1.49 करोड़ पर आ गयी।












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