VIDEO : बारिश के लिए कराई गई मेढक-मेढकी की शादी, जोड़े को पहनाए गए डिजाइनर परिधान
बेंगलुरु। भीषण गर्मी से परेशान लोग अब राहत के लिए टोटके का सहारा ले रहे हैं। शनिवार को कर्नाटक के उडुपी में मेढक-मेढकी की हिंदू रीति-रिवाज से शादी करायी गई। इस दौरान जमकर ढोल नगाड़े बजाए गए। जिसमें शहर के कई लोगों ने शिरकत की। उडुपी में 'मंडूक परिनया' नामक यह अनुष्ठान बारिश भगवान को खुश करने के लिए किया जाता है। यह अनूठा आयोजन पानी की कमी से जूझ रहे उडुपी को जलसंकट से उबारने की कामना के चलते किया गया है। इन मेढक को जोड़े के लिए डिजाइनर परिधान भी सिलावाए गए थे।

उडुपी जिला नागरिक समिति ट्रस्ट और पंचरत्न सेवा ट्रस्ट ने उडुपी के किदियूर होटल के सामने, कोलसागिरी के एक नर मेंढक और मादा मेंढक की शादी का आयोजन किया। इस अनोखी शादी के निमंत्रण पत्र में कहा गया है कि यह "ची" की शादी है। कलसंक के बेटे वरुण की शादी कोलगिरी कोलिनजे की बेटी ची. सोउ. वर्षा के साथ हो रही है। शादी की पार्टी मारुति वीथिका से एक बारात में आएगी, जो केईबी कार्यालय, मित्रा अस्पताल, ओल्ड डायना सर्कल से होकर गुजरेगी और यहां केदियूर होटल में समाप्त होगी।
नर मेंढक का नाम वरुण था और मादा मेंढक का नाम वर्षा था। कुछ का मानना है कि दो मेंढकों की शादी होने से वर्षा देवता खुश होंगे और क्षेत्र में बारिश लाएंगे। उडुपी में जल स्रोत सूख गए हैं और जिले में भीषण सूखा पड़ रहा है। रिपोर्टों में कहा गया है कि इन दोनों मेंढकों की खोज करने के लिए आयोजक नित्यानंद को सात दिन लगे और फिर उन्हें परीक्षण के लिए लैब भेजा गया। अस्पताल की ओर से इनके लिंग परीक्षण करने के बाद नाम रखे गए।
शादी शनिवार दोपहर 12:05 बजे को नित्यानंद वोलाकाडु, पूर्व पार्षद और सामाजिक कार्यकर्ता, उडुपी जिला नगरिका समिति और पंचरत्न सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित कार्यक्रम में संपन्न करायी गई।












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