भारत को 2021 के अंत तक मिल जाएंगे 35 राफेल, 2022 जनवरी में उड़ेगा आखिरी विमान
नई दिल्ली, 27 जुलाई। 2021 के अंत तक भारत को फ्रांस से 35 राफेल लड़ाकू विमान मिल जाएंगे। आखिरी लड़ाकू विमान जनवरी 2022 में सोलो उड़ान भरकर पहंचेगा और उत्तरी बंगाल में हाशिमारा हवाई अड्डे को सक्रिय करेगा। अब तक भारत 26 विमान मिल चुके हैं जिसमें देश में 24 राफेल विमान पहुंच चुके हैं जबकि 2 फ्रांस में भारतीय पायलटों को प्रशिक्षण देने के लिए रखे गए हैं।

भारतीय वायुसेना फ्रांस से 36 और राफेल विमान हासिल करने की योजना बना रही है। इसके साथ ही नौसेना अगले साल शुरू होने वाले आईएनएस विक्रांत (स्वदेशी विमान वाहक -1) पर एक लड़ाकू विकल्प के रूप में राफेल-एम को देख रही है।
राफेल से बढ़ी भारत की ताकत
पश्चिमी और पूर्वी थिएटर में राफेल के शामिल होने से भारतीय युद्ध करने की क्षमता कई गुना बढ़ गई है। फ्रांस में निर्मित यह फाइटर जेट हवा से हवा में मार करने वाली सबसे लंबी दूरी की उल्का मिसाइल, हैमर एयर टू ग्राउंड स्मार्ट म्यूनिशन और लंबी दूरी की हवा से जमीन पर मार करने वाली SCALP से लैस है।
भारत को मिला राफेल विशेष रूप से संशोधित हैमर मिसाइलों को ले जाते हैं। फ्रांस ने भारत के साथ हैमर और उल्का मिसाइलों को संयुक्त रूप से विकसित करने की पेशकश की है जिसमें विस्तारित रेंज और भारी पेलोड शामिल हैं।
हाशिमारा बेस पर सभी की निगाहें
ऐसे समय में जब फ्रांस से आने वाले राफेल विमानों की डिलीवरी समय से थोड़ा पहले है, सभी की निगाहें हाशिमारा एयर बेस पर लगी हुई है। इस बेस पर राफेल लड़ाकू विमानों का दूसरा स्क्वाड्रन होगा। इसका पहला स्क्वाड्रन अंबाला में स्थित होगा। भारत के पूर्वी क्षेत्र में राफेल की मौजूदगी से इस क्षेत्र में सैन्य प्रतिक्रिया को बढ़ावा मिलेगा, जिसमें सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश जैसे रक्षा प्राथमिकता वाले क्षेत्र आते हैं।
हाशिमारा बेस से भारतीय वायु शक्ति चुंबी घाटी, सिक्किम और संवेदनशील सिलीगुड़ी गलियारे को कवर करती है। अंबाला और हाशिमारा दोनों राफेल के घरेलू ठिकाने हैं, परमाणु क्षमता से लैस ये लड़ाकू विमान पूरे भारत और इसके तटवर्ती क्षेत्रों में उड़ान भरेंगे।












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