दिल्ली से अगवा हुई 4 साल की बच्ची को पुलिस ने राजस्थान से छुड़ाया
नई दिल्ली। महज चार साल की मासूम को अगवा करने वाले दंपति के चंगुल से बच्चे को छुड़ाने में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जानकारी के अनुसार दंपति के बच्चे नहीं जिसकी वजह से उन्होंने चार साल की मासूम को अगवा कर लिया था, जिसके दिल्ली पुलिस ने राजस्थान से छुड़ाने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने बताया कि दंपति ने बच्ची को नॉर्थवेस्ट दिल्ली से अगवा किया था। डीसीपी असलम खान ने बताया कि दिल्ली पुलिस की टीम ने राजस्थान से बच्ची को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुड़ा लिया है।

डीसीपी ने बताया कि अगवा करने वाले दंपति के खुद के बच्चे नहीं थे। हमे इस मामले में भरत नगर से एक खुफिया जानकारी मिली थी, जिसकी मदद से हम अपहरणकर्ताओं तक पहुंचने में सफल हुए और चार दिन के भीतर बच्ची को बचाने में सफलता मिली। दोनों ही आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आपको बता दें कि 3 जुलाई को बच्ची को 30 वर्षीय महिला ने जेजे कॉलोनी से अगवा कर लिया था। बच्ची की मां दिहाड़ी मजदूरी का काम करती है।
दूसरी शादी की थी महिला ने
महिला जब काम करके वापस घर आई तो अपनी बच्ची को ढूंढने लगी, जब उसे बच्ची नहीं मिली तो उसने पुलिस को इस बाबत खबर दी और मामला दर्ज कराया। पुलिस को बच्ची की पहचान के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। स्थानीय लोगों से पूछताछ के बाद पता चला कि एक महिला के साथ आखिरी बार बच्ची को देखा गया था। यह महिला जेजे कॉलोनी में ही पिछले 15-20 साल से रह रही थी। महिला के माता-पिता ने महिला को घर से निकाल दिया था, जब उसने अपने पति और चार बच्चों को दूसरे आदमी के लिए छोड़ दिया था।
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कॉल रिकॉर्ड से हुए ट्रेस
स्थानीय लोगों ने पुलिस को महिला के पहले पति का फोन नंबर दिया, जिससे संपर्क किया गया तो इस बात की जानकारी मिली की महिला का पहला पति राजस्थान में है और उसने महिला के दूसरे पति की जानकारी दी जोकि राजस्थान में ही दूसरे जिले में रहता था। पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड्स को खंगाला तो महिला और उसके पति की जानकारी मिली और दोनों की लोकेशन ट्रेस हो गई, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में बताई ये वजह
पूछताछ के दौरान दंपति ने बताया कि दोनों ने एक वर्ष पहले शादी की है, महिला का ऑपरेशन हुआ है और वह गर्भवती नहीं हो सकतीत है। पुलिस ने बताया कि महिला को लगा कि इलाज में काफी समय लगेगा, लिहाजा उसने बच्चा अगवा करने का फैसला लिया। उसने जेजे कॉलोनी का दौरा किया क्योंकि वह इस इलाके से अवगत थी और यहां से बच्ची को अगवा कर लिया।
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